सुरक्षा समूह ने जेपी इन्फ्रा के लिए संशोधित बोली प्रस्तुत करने को और समय मांगा

सुरक्षा समूह ने जेपी इन्फ्रा के लिए संशोधित बोली प्रस्तुत करने को और समय मांगा

सुरक्षा समूह ने जेपी इन्फ्रा के लिए संशोधित बोली प्रस्तुत करने को और समय मांगा
Modified Date: November 29, 2022 / 08:42 pm IST
Published Date: June 5, 2021 1:49 pm IST

नयी दिल्ली, पांच जून (भाषा) मुंबई के सुरक्षा समूह ने दिवाला प्रक्रिया के तहत बेची जा रही आवास कंपनी जेपी इन्फ्राटेक लि. (जेआईएल) के अधिग्रहण के लिए अपनी संशोधित योजना के लिए कम से कम सात दिन का और समय मांगा है।

जेआईएल के लिए सुरक्षा का मुकाबला सरकारी क्षेत्र की कंपनी एनबीसीसी से है। एनबीसीसी ने अपनी संशोधित योजना पेश कर दी। सुरक्षा ने चार जून को योजना पेश नहीं की और अंतरिम समाधान पेशेवर से कम से कम सात दिन का और समय देने को कहा है ताकि वह दिवालिया कंपनी के वित्तीय ऋणदाताओं और जेआईएल की योजनाओं में अपने मकान की प्रतीक्षा कर रहे उसके ग्राहकों के लिए अपना प्रस्ताव सुधार सके।

सुरक्षा समूह ने शुक्रवार चार जून को अंतरिम समाधान पेशेवर (आईआरपी) अनुज जैन को पत्र लिखकर कहा कि वह अपनी एक ऋण समाधान योजना 18 माई को ही प्रस्तुत कर चुका है। उस प्रस्ताव पर ऋणदाताओं की समिति (सीओसी) में विचार विमर्श किया जा चुका है।

उसका कहना है कि चूंकि सीओसी ने समाधान प्रक्रिया पूरी करने के लिए उच्चतम न्यायालय से कुछ आतिरिक्त समय मांगने का निर्णय कर लिए है उसे देखते हुए वह अपने प्रस्तव को घर खरीदने वालों और ऋणदाता बैंकों दोनों के लिए सुधारना चाहती है।

संशोधित प्रस्ताव के लिए और समय की मांग करते हुए सुरक्षा ने कहा है , ‘ हम आप से संशाधित प्रस्ताव जमा करने के लिए कम से कम सात दिन का समय चाहते हैं ताकि ऋणदाताओं तथा आवास क्रेताओं के हित में प्रस्ताव को और भी अच्छा बनाया जा सके।’

सुरक्षा समूह के 18 मई के प्रस्ताव में बैंकों को 2,600 एकड़ भूमि और क्रेताओं को 42 माह में 20,000 आवासीय इकाइयों का भौतिक अधिकार पत्र देने का वचन दिया गया है। कंपनी ने कहा है कि वह ग्रेटर नाएडा से आगरा को जोड़ने वाले यमुना एक्सप्रेस-वे को अपने पास रखेगी।

दिवाला संहिता के तहत राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी)के समक्ष जेपी इन्फ्रा की समाधान प्रक्रिया लम्बी खिंच रही है।

भाषा मनोहर अजय

अजय


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