जेपी इन्फ्रा के अधिग्रहण के लिए सुरक्षा ग्रुप ने संशोधित बोली जमा कराई

जेपी इन्फ्रा के अधिग्रहण के लिए सुरक्षा ग्रुप ने संशोधित बोली जमा कराई

जेपी इन्फ्रा के अधिग्रहण के लिए सुरक्षा ग्रुप ने संशोधित बोली जमा कराई
Modified Date: November 29, 2022 / 08:56 pm IST
Published Date: June 7, 2021 12:41 pm IST

नयी दिल्ली, सात जून (भाषा) सुरक्षा ग्रुप ने सोमवार को कर्ज के बोझ से दबी जेपी इन्फ्राटेक लि. (जेआईएल) के अधिग्रहण के लिए सुधरी संशोधित बोली जमा कराई। संशोधित बोली में सुरक्षा ने बैंकों को अधिक कोष की पेशकश के साथ ही घर खरीदारों के लाभ के लिए कुछ रुकी परियोजनाओं को पूरा करने की समय-सीमा भी घटाई है।

मुंबई की कंपनी सुरक्षा ग्रुप के साथ जेआईएल के अधिग्रहण की दौड़ में एनबीसीसी भी शामिल है। सुरक्षा ने इससे पहले चार जून को अपनी समाधान योजना जमा नहीं कराई थी। उसने इसके लिए सात दिन का और समय मांग था।

हालांकि, एनबीसीसी ने उस दिन अपनी समाधान योजना जमा करा दी थी।

सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा समूह ने जेआईएल के ऋणदाताओं की समिति की सोमवार को होने वाली बैठक से पहले अपनी संशोधित बोली जमा कराई। कंपनी ने ऋणदाताओं की समिति से आग्रह किया कि बैठक के दौरान उसकी बोली पर विचार किया जाए।

अब यह वित्तीय ऋणदाताओं पर निर्भर करता है कि वे सुरक्षा की बोली पर विचार के लिए तैयार हों या नहीं, क्योंकि कंपनी चार जून की समयसीता तक बोली जमा नहीं करा पाई थी। सीओसी में 56 प्रतिशत मत घर खरीदारों के हैं।

सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा ग्रुप ने 18 मई को जमा कराई गई अपनी आखिरी बोली में संस्थागत वित्तीय ऋणदाताओं को 2,600 एकड़ से अधिक की जमी की पेशकश की थी।

अपनी पेशकश में सुधार करते हुए अब सुरक्षा ने बैंकों को 1,200 करोड़ रुपये के गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर जारी करने का वादा किया है। इस तरह उसकी कुल पेशकश 7,800 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है।

भाषा अजय अजय मनोहर

मनोहर


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