नकली सोना बेचने वाले हो जाए सावधान, 1 जून से लागू होने जा रहा नया नियम, ऐसे चेक करे आभूषण की शुद्धता

Sellers of fake gold should be careful : लोग सोने के जेवर खरीदते तो हैं, लेकिन उन्हें सोने की शुद्धता के बारे में पता नही होता। इसी का फायदा

Edited By: , May 28, 2022 / 06:25 PM IST

नई दिल्ली : Sellers of fake gold should be careful : लोग सोने के जेवर खरीदते तो हैं, लेकिन उन्हें सोने की शुद्धता के बारे में पता नही होता। इसी का फायदा उठाकर ज्वेलर्स अपने ग्राहकों को बिना हॉलमार्क वाला सोना थमा देते हैं। ये सोना कैरेट वाला सोना या अशुद्ध होता है।>>*IBC24 News Channel के WhatsApp  ग्रुप से जुड़ने के लिए Click करें*<<

वहीं, जब आप उस सोने को बदलने या बेचने जाते हैं, तो आपको उसकी कम कीमत मिलती है। ग्राहकों की इन समस्याओं को समाप्त करने के लिए सरकार ने एक नया नियम बनाया है। इस नियम का दूसरा चरण 1 जून से लागू हो जाएगा।

यह भी पढ़े :  पंचायत सचिव के पद पर निकली बंपर भर्ती, स्नातक पास युवाओं के लिए सुनहरा अवसर, 6 जुलाई तक कर सकेंगे आवेदन

नियम का पहला चरण पिछले साल हो चुका है लागू

Sellers of fake gold should be careful : इस नियम का पहला चरण देश के 256 जिलों में 23 जून 2021 को लागू किया गया था। इसके लागू होने के बाद ज्वैलर्स बिना हॉलमार्क वाला सोना नहीं बेच सकेंगे।

ज्वेलर्स नही बेच पाएंगे बिना हॉलमार्क वाला सोना

Sellers of fake gold should be careful : दरअसल, अब तक 6 शुद्धता श्रेणियों 14 कैरेट, 18 कैरेट, 20 कैरेट, 22 कैरेट, 23 कैरेट और 24 कैरेट के लिए सोने की हॉलमार्किंग की अनुमति थी। इस प्रकार अन्य शुद्धता (21KT या 19KT) के सोने के आभूषणों को बेचने से पहले हॉलमार्क करना अनिवार्य नहीं था। अब यह नियम बदल जाएगा। अब ज्वेलर्स बगैर हॉलमार्क वाला सोना नहीं बेच सकेंगे।

यह भी पढ़े : सरकार ने जारी किया ‘नेशनल डेटा गवर्नेंस का फ्रेमवर्क, डिजिटल शासन और सरकार के डिजिटलीकरण को गति देने में होगा सहायक

बीआईएस देती है हॉलमार्किंग प्रक्रिया को अंजाम

Sellers of fake gold should be careful : बता दें कि, भारत सरकार के तहत एक एजेंसी बीआईएस सोने की शुद्धता और सुंदरता को प्रमाणित करने के लिए हॉलमार्किंग की इस प्रक्रिया को अंजाम देती है। हॉलमार्क वाला सोना प्रमाणित सोना होता है, जो गुणवत्ता जांच की प्रक्रिया से गुजरता है, जिसे हॉलमार्किंग कहा जाता है।ग्राहकों द्वारा खरीदे गए सभी सोने के आभूषणों और सोने की कलाकृतियों के लिए हॉलमार्किंग अनिवार्य है, भले ही खरीदे गए सोने की शुद्धता ग्रेड कुछ भी हो।

यह भी पढ़े : BJP की राष्ट्रीय प्रवक्ता को मिल रही रेप की धमकियां, फिर क्यों ट्रेंड हो रहा #ArrestNupurSharma? 

अब लोग नही बेच पाएंगे नकली सोना

Sellers of fake gold should be careful : सोने की हॉलमार्किंग से ग्राहकों का विश्वास बढ़ता है, क्योंकि यह सुनिश्चित करता है कि जो सोना वे खरीद रहे हैं वह ठीक वैसी ही शुद्धता है, जैसा कि हॉलमार्क में बताया गया है। यह नियम लागू होने के बाद नकली सोना बेचने वालों की अब खैर नहीं होगी। हॉलमार्क के बगैर सोना बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।