नयी दिल्ली, 17 सितंबर (भाषा) सरकार को हाल में शुरू हुई ‘सेमीकॉन 2.0’ योजना के तहत करीब 11-12 अरब डॉलर के निवेश प्रस्ताव मिलने की उम्मीद है। सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
वैष्णव ने यहां आयोजित ‘सेमीकॉन इंडिया 2026’ कार्यक्रम में संवाददाताओं से कहा कि निवेश रुचि सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी के विभिन्न क्षेत्रों में है, जिसमें उपकरण, सामग्री, गैस, रसायन, असेंबली, परीक्षण, मार्किंग एवं पैकेजिंग (एटीएमपी) और वेफर शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि संबंधित कंपनियां अपने निदेशक मंडल और शेयरधारकों से मंजूरी मिलने के बाद निवेश योजनाओं की घोषणा कर सकती हैं।
वैष्णव ने कहा कि निवेश की यह प्रक्रिया सरकार को ‘सेमीकॉन 2.0’ योजना के तहत आगे की निवेश दिशा का स्पष्ट संकेत देती है। वैष्णव ने कहा कि योजना से सेमीकंडक्टर क्षेत्र में करीब एक लाख नए रोजगार पैदा हो सकते हैं और वास्तविक रोजगार सृजन इससे अधिक भी हो सकता है।
सरकार ने जुलाई में 1,27,500 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ सेमीकॉन 2.0 योजना को मंजूरी दी थी। कार्यक्रम के छह प्रमुख क्षेत्रों में चिप डिजाइन, मशीन एवं सामग्री, सेमीकंडक्टर फैब, एटीएमपी/ओसैट, शोध एवं विकास तथा प्रतिभा विकास शामिल हैं।
यह योजना पहले से चल रहे सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम का विस्तार है, जिसके तहत अब तक 12 सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इनमें से तीन में वाणिज्यिक उत्पादन शुरू हो चुका है।
भारत अब चिप पैकेजिंग से आगे बढ़कर सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षमता मजबूत करने और सामग्री, उपकरण, डिजाइन तथा चिप विनिर्माण को शामिल करते हुए व्यापक घरेलू आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने की कोशिश कर रहा है।
भाषा प्रेम प्रेम रमण
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