सर्फिंग: भारत के फ्रांसीसी कोच रेबूल की नजरें 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक पर

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सर्फिंग: भारत के फ्रांसीसी कोच रेबूल की नजरें 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक पर

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  • Publish Date - September 17, 2026 / 05:46 PM IST,
    Updated On - September 17, 2026 / 05:46 PM IST

नयी दिल्ली, 17 सितंबर (भाषा) भारत के फ्रांसीसी सर्फिंग कोच समाई रेबूल का मानना है कि एशियाई खेलों में सर्फिंग में भारत के ऐतिहासिक पदार्पण को 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने के सर्वोच्च लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जाना चाहिए।

पूर्व सर्फर और प्रशिक्षित कोच रेबूल 2024 से भारतीय राष्ट्रीय टीम के साथ काम कर रहे हैं। वह आगामी आइची-नागोया एशियाई खेलों की तैयारी के लिए महाबलीपुरम में चार सदस्यीय भारतीय टीम को प्रशिक्षण दे रहे हैं जहां सर्फिंग खेल पहली बार एशियाई खेलों का हिस्सा होगा।

भारत शॉर्टबोर्ड स्पर्धा में दो पुरुष और दो महिला खिलाड़ियों को उतारेगा। किशोर कुमार और शिवराज बाबू पुरुष वर्ग में जबकि कमली मूर्ति और शुगर शांति बनारसे महिला वर्ग में हिस्सा लेंगी।

एशियाई खेल 2028 ओलंपिक के लिए कोटा स्थान भी प्रदान करेंगे जिससे भारतीय खिलाड़ियों के लिए इस खेल के सबसे बड़े मंच तक पहुंचने का रास्ता खुल सकता है।

रेबूल ने साइ मीडिया से कहा, ‘‘ओलंपिक निश्चित रूप से दीर्घकालिक लक्ष्य का हिस्सा है लेकिन वहां पहुंचने के लिए महत्वपूर्ण उद्देश्य कम उम्र से भारतीय सर्फरों के विकास के लिए व्यावहारिक रास्ते तैयार करना और उन्हें अंततः उच्चतम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है। 2026 एशियाई खेल इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसके बाद हमें 2028 ओलंपिक और उसके आगे के लिए तैयारी करनी होगी। मेरे लिए सफलता का मतलब होगा कि भारतीय सर्फर नियमित रूप से अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लें, उन्हें जरूरी सहयोग के साथ यात्रा करने का अवसर मिले, वे पेशेवर प्रतियोगिताओं को समझें और बड़ी स्पर्धाओं के लिए क्वालीफाई करने में सक्षम हों।’’

रेबूल ने कहा, ‘‘अगर हम यह व्यवस्था सही तरीके से तैयार कर पाते हैं तो ओलंपिक क्वालीफिकेशन किसी एक बार के उद्देश्य के बजाय मजबूत प्रणाली का स्वाभाविक परिणाम होगा।’’

रेबूल (41 वर्ष) पुडुचेरी के ऑरोविले में रहते हैं और अपनी जिंदगी का आधे से अधिक समय भारत में बिता चुके हैं। उन्होंने राष्ट्रीय कोच की भूमिका संभालने से पहले एक प्रशिक्षक के रूप में काम किया और एक दशक से अधिक समय तक कलियालय सर्फ स्कूल का प्रबंधन किया।

उन्होंने मालदीव में एशियाई सर्फिंग चैंपियनशिप में भारत को ऐतिहासिक कांस्य पदक दिलाने में मार्गदर्शन किया और इसके बाद राष्ट्रीय चयन शिविरों तथा टीम की तैयारियों की जिम्मेदारी संभाली।

भाषा सुधीर नमिता

नमिता