शेयर बाजार धातु, आईटी शेयरों में भारी बिकवाली से लुढ़का, सेंसेक्स 1,048 अंक टूटा

शेयर बाजार धातु, आईटी शेयरों में भारी बिकवाली से लुढ़का, सेंसेक्स 1,048 अंक टूटा

शेयर बाजार धातु, आईटी शेयरों में भारी बिकवाली से लुढ़का, सेंसेक्स 1,048 अंक टूटा
Modified Date: February 13, 2026 / 06:46 pm IST
Published Date: February 13, 2026 6:46 pm IST

मुंबई, 13 फरवरी (भाषा) वैश्विक बाजारों में कमजोरी के बीच शुक्रवार को धातु, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और जिंस शेयरों में भारी बिकवाली होने से घरेलू शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्स 1,048 अंक लुढ़क गया जबकि निफ्टी 336 अंक टूटा।

कारोबारियों ने कहा कि कंपनियों के तिमाही नतीजों के उम्मीद से कम रहने और कृत्रिम मेधा (एआई) से जुड़े गतिरोधों के कारण प्रौद्योगिकी कंपनियों पर बढ़ते दबाव ने निवेशक धारणा को कमजोर किया।

बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 1,048.16 अंक यानी 1.25 प्रतिशत गिरकर 82,626.76 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,140.37 अंक लुढ़ककर 82,534.55 अंक के निचले स्तर तक आ गया था।

इसी तरह, एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी 336.10 अंक यानी 1.30 प्रतिशत टूटकर 25,471.10 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 362.9 अंक गिरकर 25,444.30 अंत तक आ गया था।

सेंसेक्स के समूह में शामिल 30 में से 28 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। हिंदुस्तान यूनिलीवर, इटर्नल, टाइटन, टाटा स्टील, अदाणी पोर्ट्स, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, पावरग्रिड, रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, एशियन पेंट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचडीएफसी बैंक और एचसीएल टेक्नोलॉजीज में प्रमुख रूप से गिरावट रही।

दूसरी तरफ, केवल बजाज फाइनेंस और भारतीय स्टेट बैंक के शेयर ही बढ़त में बंद हुए।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख (संपत्ति प्रबंधन) सिद्धार्थ खेमका ने कहा, ‘कंपनियों के नतीजे उम्मीद से कम रहने और एआई से पैदा हुई चिंताओं के असर में बाजार धराशायी हो गए। निफ्टी का आईटी सूचकांक 10 महीनों के निचले स्तर तक आ गया था लेकिन बाद में थोड़ा सुधार के साथ बंद हुआ।’

व्यापक बाजार में छोटी कंपनियों का बीएसई स्मालकैप सूचकांक 1.90 प्रतिशत गिर गया जबकि मझोली कंपनियों के मिडकैप सूचकांक में 1.19 प्रतिशत टूटा।

क्षेत्रवार सूचकांकों में धातु खंड में सर्वाधिक 3.21 प्रतिशत की गिरावट रही जबकि रियल्टी खंड में 2.27 प्रतिशत, जिंस खंड में 2.27 प्रतिशत, उपयोगिता खंड में 2.26 प्रतिशत और ऊर्जा खंड में 1.94 प्रतिशत की गिरावट रही।

बीएसई पर सूचीबद्ध कुल 2,960 शेयर नुकसान के साथ बंद हुए जबकि 1,253 शेयरों में बढ़त रही और 151 शेयर अपरिवर्तित रहे।

इस व्यापक गिरावट का असर यह हुआ कि बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 7,02,017.71 करोड़ रुपये घटकर 4,65,46,643.20 करोड़ रुपये (5.13 लाख करोड़ डॉलर) रह गया।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘आगामी अमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़ों से पहले कमजोर वैश्विक संकेतों और कृत्रिम मेधा (एआई) से जुड़ी आशंकाओं के कारण निवेशकों का रुख सतर्क रहा।’

नायर ने कहा कि एआई से भारतीय आईटी कंपनियों के कारोबार पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका के चलते भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा से उपजी सकारात्मक धारणा अब लुप्त हो चुकी है। इसके अलावा धातु शेयरों में मुनाफावसूली ने भी बाजार को दबाव में लाने का काम किया।

इस सप्ताह बीएसई सेंसेक्स में कुल 953.64 अंक यानी 1.14 प्रतिशत की गिरावट रही जबकि एनएसई निफ्टी 222.6 अंक यानी 0.86 प्रतिशत के नुकसान में रहा।

एशिया के अन्य बाजारों में हांगकांग का हैंगसेंग, चीन का शंघाई कंपोजिट, जापान का निक्की और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी सूचकांक नुकसान में रहे।

यूरोपीय बाजारों में दोपहर के कारोबार में मिला-जुला रुख देखा जा रहा था। अमेरिकी बाजार बृहस्पतिवार को दो प्रतिशत तक गिरकर बंद हुए थे।

इस बीच, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने बृहस्पतिवार को 108.42 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की शुद्ध खरीद की। घरेलू संस्थागत निवेशक भी 276.85 करोड़ रुपये के शुद्ध खरीदार रहे।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.32 प्रतिशत बढ़कर 67.81 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

बृहस्पतिवार को सेंसेक्स 558.72 अंक गिरकर 83,674.92 अंक पर और निफ्टी 146.65 अंक टूटकर 25,807.20 अंक पर बंद हुआ था।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण


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