पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 372 अंक टूटा
पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 372 अंक टूटा
मुंबई, 29 जून (भाषा) अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ने और कच्चे तेल के दाम में तेजी से सोमवार को स्थानीय शेयर बाजारों में गिरावट आई और दोनों मानक सूचकांक नुकसान में रहे। बीएसई सेंसेक्स 372 अंक टूटा, जबकि एनएसई निफ्टी 110 अंक के नुकसान में रहा।
कारोबारियों के अनुसार, इसके अलावा कुछ शेयरों में मुनाफावसूली तथा आईटी, वाहन और पेट्रोलियम शेयरों में बिकवाली दबाव से बाजार नीचे आया।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 372.10 अंक यानी 0.48 प्रतिशत टूटकर 76,728.37 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान, एक समय यह 478.72 अंक तक लुढ़क कर 76,621.75 अंक पर आ गया था।
बीएसई में सूचीबद्ध शेयरों में से 2,629 में गिरावट आई जबकि 1,712 शेयर लाभ में रहे। वहीं 218 शेयर के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।
पचास शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी 109.75 अंक यानी 0.46 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23,946.25 अंक पर बंद हुआ।
ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा, ‘‘सप्ताहांत वैश्विक स्तर पर तनाव तेजी से बढ़ा। तनाव कम करने और बातचीत फिर से शुरू करने पर सहमत होने से पहले अमेरिका और ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक-दूसरे पर हमले किए। इससे नुकसान तो सीमित रहा, लेकिन समझौते के टिकने को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए। इसके टूटने का जोखिम बढ़ गया, जिससे बाजार में अनिश्चितता और उतार-चढ़ाव रहा।’’
सेंसेक्स की कंपनियों में कोटक महिंद्रा बैंक में सर्वाधिक 3.24 प्रतिशत की गिरावट आई। बैंक ने कहा कि उसके प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) अशोक वासवानी अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा होने पर पद छोड़ देंगे। वह 31 दिसंबर, 2026 को अपना मौजूदा कार्यकाल खत्म होने पर दोबारा नियुक्ति नहीं चाहते हैं।
इसके अलावा महिंद्रा एंड महिंद्रा, मारुति, इंटरग्लोब एविएशन, अल्ट्राटेक सीमेंट और लार्सन एंड टुब्रो में प्रमुख रूप से गिरावट रही।
दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में इटर्नल, ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और एनटीपीसी शामिल हैं।
छोटी कंपनियों से जुड़ा बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.65 प्रतिशत टूटा जबकि मझोली कंपनियों से संबंधित मिडकैप 0.60 प्रतिशत नीचे आया।
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.51 प्रतिशत चढ़कर 73.09 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘निवेशकों की धारणा सतर्क बनी रही क्योंकि वे एक तरफ अमेरिका-ईरान के बीच चल रही कूटनीतिक बातचीत को लेकर उम्मीद बांधे हैं, दूसरी तरफ सप्ताहांत नई सैन्य गतिविधियों के बाद पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कारोबार के दौरान शेयर केंद्रित खबरें भी हावी रहीं। अधिग्रहण से जुड़ी चिंताओं के कारण आईटी क्षेत्र के शेयरों में गिरावट दिखी, जबकि कुछ चुनिंदा बैंक शेयरों में नेतृत्व से जुड़ी खबरों के कारण गिरावट से भी मानक सूचकांक पर दबाव रहा।’’
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी गिरावट के साथ बंद हुआ। दूसरी तरफ, जापान का निक्की, चीन का शंघाई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग बढ़त के साथ बंद हुए।
यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में गिरावट का रुख था। शुक्रवार को अमेरिकी बाजार मामूली गिरावट के साथ बंद हुए थे।
शेयर बाजार शुक्रवार को मुहर्रम के कारण बंद था।
शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को 383.76 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे।
सेंसेक्स बृहस्पतिवार को 109.25 अंक यानी 0.14 प्रतिशत बढ़कर 77,100.47 अंक पर बंद हुआ था, जबकि निफ्टी 34.35 अंक की तेजी के साथ 24,056 अंक पर रहा था।
भाषा रमण अजय
अजय

Facebook


