शिकॉगो एक्सचेंज में तेजी से सोयाबीन तेल-तिलहन के साथ सरसों में सुधार

शिकॉगो एक्सचेंज में तेजी से सोयाबीन तेल-तिलहन के साथ सरसों में सुधार

शिकॉगो एक्सचेंज में तेजी से सोयाबीन तेल-तिलहन के साथ सरसों में सुधार
Modified Date: November 29, 2022 / 08:08 pm IST
Published Date: June 28, 2021 12:32 pm IST

नयी दिल्ली, 28 जून (भाषा) शिकॉगो एक्सचेंज में दो प्रतिशत के सुधार और सोयाबीन के तेल रहित खल (डीओसी) की मांग निकलने के कारण दिल्ली तेल-तिलहन बाजार में सोमवार को सोयाबीन तेल-तिलहन के साथ-साथ बिनौला, कच्चा पाम तेल (सीपीओ) और पामोलीन तेल कीमतों में सुधार आया। जबकि मूंगफली की गर्मी की फसल की मंडियों में आवक बढ़ने से मूंगफली तेल-तिलहन के भाव हानि दर्शाते बंद हुए।

बाजार सूत्रों ने बताया कि शिकॉगो एक्सचेंज में दो प्रतिशत का सुधार है जिसकी वजह से लगभग सारे खाद्य तेल के भाव में सुधार देखने को मिला। दूसरी ओर मलेशिया एक्सचेंज में आधा प्रतिशत की गिरावट के बावजूद पामोलीन की मांग निकलने और बेपड़ता कारोबार की वजह से सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतों में भी सुधार आया।

उन्होंने कहा कि देश में उत्तर प्रदेश के आगरा, सलोनी और राजस्थान के कोटा में सरसों दाना का भाव 7,450 रुपये क्विन्टल से बढ़ाकर 7,500 रुपये क्विन्टल कर दिया गया है। सरसों की मांग 10-15 दिनों में बरसात के दिनों में और बढ़ेगी। पिछले वर्ष जुलाई में सहकारी संस्था हाफेड और नाफेड रोजाना दो से सवा दो लाख बोरी सरसों की बिक्री कर रही थी लेकिन इस बार उसके पास माल नहीं के बराबर है। पिछले वर्ष सरसों में ब्लेंडिंग की अनुमति थी लेकिन इस बार खाद्य नियामक, एफएसएसएआई ने आठ जून से सरसों में किसी भी तेल की ब्लेंडिंग पर रोक लगा दी है और जहां कहीं ब्लेंडिंग वाले सरसों तेल की शिकायत मिल रही है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने कहा कि सरकार को सरसों के बेहतर दाने का इंतजाम अगली बिजाई के लिए अभी से कर लेना चाहिये। किसानों को सरसों के हाल में जो दाम मिले हैं और अगली फसल के लिए सरसों बीजों का समुचित इंतजाम रहे तो अगली पैदावार लगभग दोगुना होने की संभावना है।

सूत्रों ने कहा कि स्थानीय स्तर पर डीओसी की भारी मांग निकलने तथा शिकॉगो एक्सचेंज में तेजी की वजह से सोयाबीन तेल-तिलहन कीमतों में पर्याप्त सुधार देखने को मिला।

उन्होंने कहा कि मलेशिया एक्सचेंज में आधा प्रतिशत की गिरावट होने के बावजूद पामोलीन की मांग होने और बेपड़ता कारोबार की वजह से सीपीओ और पामोलीन तेल कीमतों में भी सुधार आया।

मूंगफली की गर्मी की फसल की मंडियों में आवक बढ़ने के कारण मूंगफली तेल-तिलहनों के भाव गिरावट के साथ बंद हुए जबकि स्थानीय मांग होने से बिनौला तेल कीमतों में सुधार दर्ज हुआ।

बाजार में थोक भाव इस प्रकार रहे- (भाव- रुपये प्रति क्विंटल)

सरसों तिलहन – 7,275 – 7,325 (42 प्रतिशत कंडीशन का भाव) रुपये।

मूंगफली दाना – 5,445 – 5,590 रुपये।

मूंगफली तेल मिल डिलिवरी (गुजरात)- 13,350 रुपये।

मूंगफली साल्वेंट रिफाइंड तेल 2,055 – 2,185 रुपये प्रति टिन।

सरसों तेल दादरी- 14,250 रुपये प्रति क्विंटल।

सरसों पक्की घानी- 2,300 -2,350 रुपये प्रति टिन।

सरसों कच्ची घानी- 2,400 – 2,500 रुपये प्रति टिन।

तिल तेल मिल डिलिवरी – 15,000 – 17,500 रुपये।

सोयाबीन तेल मिल डिलिवरी दिल्ली- 13,450 रुपये।

सोयाबीन मिल डिलिवरी इंदौर- 13,320 रुपये।

सोयाबीन तेल डीगम, कांडला- 12,220 रुपये।

सीपीओ एक्स-कांडला- 10,480 रुपये।

बिनौला मिल डिलिवरी (हरियाणा)- 13,000 रुपये।

पामोलिन आरबीडी, दिल्ली- 12,200 रुपये।

पामोलिन एक्स- कांडला- 11,100 (बिना जीएसटी के)

सोयाबीन दाना 7,470 – 7,520, सोयाबीन लूज 7,370 – 7,420 रुपये

मक्का खल 3,800 रुपये

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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