थाली पर महंगाई की मार, शाकाहारी खाना चार प्रतिशत और मांसाहारी खाना नौ प्रतिशत महंगा

थाली पर महंगाई की मार, शाकाहारी खाना चार प्रतिशत और मांसाहारी खाना नौ प्रतिशत महंगा

थाली पर महंगाई की मार, शाकाहारी खाना चार प्रतिशत और मांसाहारी खाना नौ प्रतिशत महंगा
Modified Date: August 7, 2026 / 06:53 pm IST
Published Date: August 7, 2026 6:53 pm IST

मुंबई, सात अगस्त (भाषा) घर पर तैयार शाकाहारी थाली की लागत जुलाई में सालाना आधार पर चार प्रतिशत बढ़ गई, जबकि मांसाहारी थाली नौ प्रतिशत महंगी हो गई। मुख्य रूप से प्याज, खाद्य तेल, रसोई गैस और चिकन की कीमतें बढ़ने से इनके दाम में बढ़ोतरी हुई।

क्रिसिल इंटेलिजेंस की शुक्रवार को जारी रिपोर्ट से पता चला कि जुलाई में शाकाहारी थाली की औसत लागत बढ़ने का कारण प्याज के दाम में सालाना आधार पर 20 प्रतिशत की वृद्धि है, जबकि खाद्य तेल और रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में क्रमशः 11 प्रतिशत और 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

मांसाहारी थाली के मामले में प्याज और गैस की महंगाई के साथ ब्रॉयलर चिकन की कीमतों में 14 प्रतिशत की वृद्धि ने भी इसे अधिक महंगा बना दिया। मांसाहारी थाली की कुल लागत में लगभग आधा हिस्सा चिकन का होता है।

रिपोर्ट के मुताबिक, प्याज की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहीं क्योंकि बाजार में पुराने स्टॉक के महंगे प्याज की आपूर्ति हुई। इसके अलावा, मार्च-अप्रैल में महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से फसल और भंडारण प्रभावित होने से भी आपूर्ति पर असर पड़ा।

खाद्य तेल और रसोई गैस की कीमतों में वृद्धि का कारण आपूर्ति में बाधाएं और पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के चलते ऊर्जा कीमतों में तेजी बताया गया।

हालांकि, आलू और टमाटर की कीमतों में गिरावट आने से थाली की लागत में बढ़ोतरी कुछ हद तक कम रही। आलू के दाम सालाना आधार पर 12 प्रतिशत और टमाटर के दाम दो प्रतिशत घटे। बेहतर उत्पादन और अधिक बुवाई रकबे के कारण आलू सस्ता हुआ, जबकि टमाटर की कीमतें देरी से बुवाई और जुलाई में अधिक आवक के चलते नियंत्रित रहीं।

मासिक आधार पर, जुलाई में शाकाहारी थाली की लागत जून के मुकाबले दो प्रतिशत बढ़ी। इसका मुख्य कारण प्याज की कीमतों में 23 प्रतिशत उछाल और आलू के दाम में चार प्रतिशत बढ़ोतरी रही। हालांकि, टमाटर के दाम में एक प्रतिशत की गिरावट और अन्य वस्तुओं की स्थिर कीमतों ने बढ़ोतरी को सीमित रखा।

वहीं, मांसाहारी थाली की लागत जून के मुकाबले लगभग स्थिर रही, क्योंकि ब्रॉयलर चिकन के दाम में अनुमानित दो प्रतिशत की कमी ने अन्य सामग्री की महंगाई के असर को संतुलित कर दिया।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण


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