अक्षय तृतीया से पहले चांदी में 11,800 रुपये का उछाल, सोना 3,000 रुपये मजबूत

अक्षय तृतीया से पहले चांदी में 11,800 रुपये का उछाल, सोना 3,000 रुपये मजबूत

अक्षय तृतीया से पहले चांदी में 11,800 रुपये का उछाल, सोना 3,000 रुपये मजबूत
Modified Date: April 15, 2026 / 06:25 pm IST
Published Date: April 15, 2026 6:25 pm IST

नयी दिल्ली, 15 अप्रैल (भाषा) ‘अक्षय तृतीया’ त्योहार से पहले आभूषण विक्रेताओं और स्टॉकिस्ट की ताजा लिवाली से बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में चांदी की कीमतें 11,800 रुपये बढ़कर 2.57 लाख रुपये प्रति किलोग्राम हो गईं, जबकि सोना 3,000 रुपये बढ़कर 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।

अक्षय तृतीया को कीमती धातुओं की खरीद के लिए शुभ दिन माना जाता है। इस साल अक्षय तृतीया 19 अप्रैल है।

अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, चांदी सोमवार के बंद स्तर 2,45,200 रुपये प्रति किलोग्राम से 11,800 रुपये या 4.81 प्रतिशत बढ़कर 2,57,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स मिलाकर) हो गई। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना भी 3,000 रुपये या करीब दो प्रतिशत बढ़कर 1,58,000 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स मिलाकर) हो गया। पिछले बाजार सत्र में सोना 1,55,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। स्थानीय सर्राफा बाजार मंगलवार को छुट्टी की वजह से बंद था।

कारोबारियों ने इस तेज बढ़त की वजह त्योहार से पहले की खरीदारी को बताया, जो मजबूत खुदरा मांग की उम्मीदों के बीच हुई।

श्रृंगार हाउस ऑफ़ मंगलसूत्र लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक चेतन थडेश्वर ने कहा, ‘‘अक्षय तृतीया आभूषण उद्योग के लिए सबसे खास समय में से एक है, जो परंपरा और सोने से जुड़े मूल्य की वजह से चलता है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा गया है, लेकिन ग्राहकों का इरादा मज़बूत बना हुआ है, और वे हल्के, कई तरह से इस्तेमाल होने वाले और डिज़ाइन वाले आभूषणों को पसंद कर रहे हैं जो बदलती जीवनशैली के हिसाब से हों।’’

हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमती धातुओं में गिरावट देखी गई। हाजिर सोना 45.88 डॉलर या लगभग एक प्रतिशत गिरकर 4,795.97 डॉलर प्रति औंस रह गया, जबकि चांदी 1.2 प्रतिशत टूटकर 78.61 डॉलर प्रति औंस रह गई।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज में वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस), सौमिल गांधी ने कहा कि बुधवार को सोना 4,800 डॉलर प्रति औंस के आसपास रहा, क्योंकि इस बात की नई उम्मीद जगी है कि अमेरिका और ईरान लड़ाई खत्म करने के लिए एक समझौते पर पहुंच सकते हैं।

गांधी ने कहा, ‘‘तनाव घटने की उम्मीदों से उर्जा से होने वाले महंगाई के झटके को लेकर चिंता कम हुई है, जिससे कीमती धातुओं के प्रति धारणा बेहतर हुई है।’’

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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