Mann Ki Baat 134rd Episode: मन की बात’ में गूंजा छत्तीसगढ़ के मल्हार का नाम, 1500 साल पुरानी ताम्रपट्टिकाओं को पीएम मोदी ने बताया ऐतिहासिक धरोहर
Mann Ki Baat 134rd Episode: मन की बात’ में गूंजा छत्तीसगढ़ के मल्हार का नाम, 1500 साल पुरानी ताम्रपट्टिकाओं को पीएम मोदी ने बताया ऐतिहासिक धरोहर
Mann Ki Baat 134rd Episode | Photo Credit: AI
- मन की बात के 134वें एपिसोड
- छत्तीसगढ़ के मल्हार का जिक्र
- पीएम मोदी ने बताया ऐतिहासिक धरोहर
रायपुर: Mann Ki Baat 134rd Episode मन की बात के 134वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेल और खिलाड़ियों की चर्चा से शुरुआत की है। उन्होंने देश में चल रहे एथलेटिक्स चैंपियनशिप से शुरुआत की और एथलीट्स से भी बात की। पीएम मोदी ने कहा कि देश के एथलीट्स रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। 100 मीटर रेस में नेशनल रिकॉर्ड टूटा। गुरिंदरवीर सिंह ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।
Mann Ki Baat 134rd Episode पीएम मोदी ने कहा कि ‘कुछ दिन पहले झारखंड के रांची में नेशनल सीनियर एथलेटिक्स फेडरेशन प्रतियोगिता हुई। इसमें करीब 800 एथलीट्स ने हिस्सा लिया। इस दौरान चार अलग-अलग स्पर्धाओं में चार राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूटे। गुरिंदरवीर सिंह, विशाल टोके, तेजस्विन शंकर, देव मीणा और कुलदीप कुमार ने अपनी-अपनी स्पर्धाओं में नए रिकॉर्ड बनाए।’
‘मन की बात’ में एक बार फिर आपसे जुड़कर मुझे बेहद खुशी हो रही है। देश के अलग-अलग हिस्सों में हमारे देश के लोग देशहित में, समाजहित में, ऐसी अद्भुत चीजें कर रहे हैं और जब उनके विषय में सुनते हैं तो हमें एक नई प्रेरणा मिलती है। आज कार्यक्रम की शुरुआत, मैं खिलाड़ियों में देश की ऐसी ही उपलब्धि से करूंगा। कुछ दिन पहले ही झारखंड के रांची में राष्ट्रीय सीनियर एथलेटिक्स महासंघ प्रतियोगिता हुआ। इसमें करीब 800 खिलाड़ी ने हिस्सा लिया – देशभर से आए थे। इस दौरान चार अलग-अलग आयोजन में चार राष्ट्रीय रिकॉर्ड टूटे। गुरिंदरवीर सिंह, विशाल टीके, तेजस्विन शंकर, देव मीणा और कुलदीप कुमार। इन साथियों ने अलग-अलग वर्ग में नए रिकॉर्ड बनाए। मैं सबसे पहले तो इन सभी को बहुत-बहुत बधाई देता हूँ।
छत्तीसगढ़ के मल्हार का जिक्र
मन की बात में पीएम मोदी ने छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक नगर मल्हार का उल्लेख किया। इस दौरान उन्होंने बिलासपुर जिले के मल्हार में मिली पांडु वंश की तीन दुर्लभ ताम्रपट्टिकाओं का जिक्र करते हुए इसे देश की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। पीएम मोदी ने कहा कि ‘इन ताम्र पट्टिकाओं को लेकर लोगों में काफी जिज्ञासा भी है। इसलिए आज मैं इससे जुड़ी कुछ बातें आपसे साझा करना चाहता हूं। इनमें 21 बड़ी और तीन छोटी ताम्र पट्टिकाएं हैं। ये मुख्य रूप से राजा राजेंद्र चोला-प्रथम द्वारा अपने पिता राजा राजराजा चोला के एक वचन को पूरा करने से जुड़ी हैं। इनमें आनइमंगलम् गांव को एक बौद्ध विहार को दान देने का उल्लेख है। इन ताम्र पट्टिकाओं में चोला वंश की उपलब्धियों का भी वर्णन मिलता है। इनसे पता चलता है कि चोला साम्राज्य की समुद्री शक्ति कितनी मजबूत थी। दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों के साथ उनके संबंधों की जानकारी भी इनमें मिलती है।’
‘चोला साम्राज्य के समृद्ध इतिहास और संस्कृति पर हम सभी को बहुत गर्व है। साथियो, हमारी सरकार भारत की ऐसी अमूल्य धरोहरों के संरक्षण के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी क्रम में ‘ज्ञान भारतम् अभियान’ के तहत छत्तीसगढ़ के मल्हार में भी एक महत्वपूर्ण खोज हुई है। यहां तीन दुर्लभ ताम्र पट्टिकाएं मिली हैं। ये पांडुवंशी राजवंश के महर्षि बालार्जुन के शासनकाल से जुड़ी मानी जा रही हैं। विशेषज्ञ मानते हैं कि ये inscriptions छठी-सातवीं सदी के हैं यानि चौदह-सौ, पंद्रह-सौ साल पुराने ये ताम्र पट्टिकाएं प्राचीन ब्राह्मी लिपि और पाली भाषा में लिखी गई हैं। इनसे उस समय की शासन-व्यवस्था, धर्म और संस्कृति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है।’
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