भारत-ईयू प्रस्तावित व्यापार समझौते में सरल एसपीएस नियमों से बेहतर बाजार पहुंच की उम्मीद

भारत-ईयू प्रस्तावित व्यापार समझौते में सरल एसपीएस नियमों से बेहतर बाजार पहुंच की उम्मीद

भारत-ईयू प्रस्तावित व्यापार समझौते में सरल एसपीएस नियमों से बेहतर बाजार पहुंच की उम्मीद
Modified Date: June 7, 2026 / 09:00 pm IST
Published Date: June 7, 2026 9:00 pm IST

नयी दिल्ली, सात जून (भाषा) भारत रूस के नेतृत्व वाले यूरेशियन आर्थिक संघ (ईएईयू) समूह के साथ प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के तहत ‘सेनेटरी एंड फाइटोसेनेटरी’ (एसपीएस) और ‘टेक्निकल बैरियर्स टू ट्रेड (टीबीटी)’ से जुड़ी आवश्यकताओं के अनुपालन को आसान बनाने की दिशा में काम कर रहा है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

अधिकारी के अनुसार, इन क्षेत्रों में जटिल परीक्षण, प्रमाणन और नियामकीय प्रक्रियाएं अक्सर गैर-शुल्क अवरोध के रूप में काम करती हैं, जिससे निर्यात लागत बढ़ती है और माल की आपूर्ति में देरी होती है।

अधिकारी ने कहा कि इन मानकों को सरल बनाए जाने से समुद्री उत्पादों, कृषि वस्तुओं और प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों के ईएईयू बाजार में निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

भारत और पांच देशों के समूह ईएईयू ने पिछले साल 20 अगस्त को मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत के लिए ‘संदर्भ की शर्तों’ पर हस्ताक्षर किए थे।

इसके बाद वार्ता का पहला दौर नवंबर 2025 में नयी दिल्ली में आयोजित किया गया था।

ईएईयू के सदस्य देशों में रूस, आर्मेनिया, बेलारूस, कजाखस्तान और किर्गिस्तान शामिल हैं।

एक अधिकारी ने बताया कि वार्ता का दूसरा दौर इस महीने के अंत में मॉस्को में होने की संभावना है।

एसपीएस नियम मानव, पौधों और पशुओं के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए बनाए जाते हैं।

टीबीटी ऐसे नियम और मानक होते हैं जो उत्पादों की गुणवत्ता, सुरक्षा, पैकेजिंग और प्रमाणन से जुड़े होते हैं तथा अंतरराष्ट्रीय व्यापार में तकनीकी स्तर पर अनुपालन सुनिश्चित करते हैं।

भाषा योगेश नरेश

नरेश

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