अमेरिका और ईरान के हमले रुकने से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी

अमेरिका और ईरान के हमले रुकने से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी

अमेरिका और ईरान के हमले रुकने से कच्चे तेल की कीमतों में नरमी
Modified Date: July 27, 2026 / 08:42 am IST
Published Date: July 27, 2026 8:42 am IST

न्यूयॉर्क, 27 जुलाई (एपी) अमेरिका और ईरान द्वारा लगातार दूसरे दिन भी फारस की खाड़ी में कोई सैन्य हमला न किए जाने के बाद कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में रविवार को गिरावट दर्ज की गई और पिछले सप्ताह बने दो महीने के उच्चतम स्तर से तेल के दाम और नीचे आ गए।

सितंबर की आपूर्ति वाले ब्रेंट क्रूड की कीमत शुरुआती कारोबार में 4.9 प्रतिशत गिरकर 92.02 डॉलर प्रति बैरल रह गई। इससे पहले शुक्रवार को भी इसमें 3.9 प्रतिशत की गिरावट आई थी।

पिछले सप्ताह ब्रेंट क्रूड की कीमत कुछ समय के लिए 102 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी। यह महीने की शुरुआत की तुलना में लगभग 30 डॉलर अधिक थी और मई के बाद का सबसे ऊंचा स्तर था।

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और व्यापक युद्ध की आशंका के कारण तेल की कीमतों में इस महीने उछाल आया। निवेशकों को चिंता थी कि यदि संघर्ष और बढ़ा, तो वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति और प्रभावित हो सकती है।

अमेरिका और इजराइल की ओर से फरवरी के अंत में ईरान पर किए गए हमलों के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही तेल बाजार की सबसे बड़ी चिंता बनी हुई है।

तेल उत्पादक देशों ने वैकल्पिक मार्ग तलाशने शुरू किए हैं, लेकिन उन पर भी दबाव बढ़ रहा है। पिछले सप्ताह लाल सागर के रास्ते जा रहे सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर भी हमले हुए। जब बाजार में तेल की उपलब्धता कम होती है, तो उसकी कीमत बढ़ती है और साथ ही पेट्रोल-डीजल जैसे ईंधनों के दाम भी बढ़ जाते हैं।

मोटर क्लब ‘एएए’ के अनुसार अमेरिका में रविवार को साधारण तेल की औसत कीमत 4.11 डॉलर प्रति गैलन रही, जो एक महीने पहले 3.90 डॉलर और एक वर्ष पहले 3.15 डॉलर प्रति गैलन थी।

यदि तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो दुनिया भर में ट्रक, जहाज और हवाई मार्ग से भेजे जाने वाले लगभग सभी सामान महंगे हो सकते हैं।

एपी शोभना गोला

गोला

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