सोशल मीडिया मंच को भारतीय कानून का पालन करना होगा: अधिकारी
सोशल मीडिया मंच को भारतीय कानून का पालन करना होगा: अधिकारी
नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि सोशल मीडिया मंच को ‘भारतीय कानूनों का पालन करना होगा।’ उन्होंने एलन मस्क के हाल की घोषणा के बाद यह बात कही है जिसमें कहा गया था कि ‘एक्स’ सरकारों की ओर से जारी सामग्री हटाने के अनुरोधों को अधिक पारदर्शी और उपयोगकर्ताओं के लिए स्पष्ट बनाएगा।
‘एक्स’ की नई पारदर्शिता पहल का उद्देश्य सरकार के निर्देश पर सामग्री पर लगाई गई पाबंदियों को उपयोगकर्ताओं के लिए अधिक स्पष्ट करना और सामग्री हटाने के अनुरोधों के बारे में जानकारी देना है। इसके तहत यह बताया जाएगा कि सामग्री हटाने का अनुरोध किस सरकार ने किया और इसके पीछे क्या कारण था।
इस मुद्दे पर मंत्रालय के रुख के बारे में पूछे जाने पर वरिष्ठ अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मंच को ‘भारतीय कानून का पालन करना होगा।’
अधिकारी ने कहा, ‘‘दो तरह की प्रक्रियाएं हैं। हम सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 69(ए) के तहत जारी किए जाने वाले आदेशों के बारे में विशेष रूप से बात नहीं करते, क्योंकि उन्हें गोपनीय रखा जाना है।’’
मस्क ने हाल में ‘एक्स’ पर लिखा था, ‘‘सरकारों के आवश्यक किसी भी सेंसरशिप को अब स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा।’’
मंच पर सामग्री हटाने के आदेशों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की सीमाओं को लेकर ‘एक्स’ और भारत सरकार के बीच पहले भी मतभेद रहे हैं।
वर्ष 2024 में ‘एक्स’ ने भारत में किसान आंदोलन से जुड़े कुछ खातों और पोस्ट को रोकने के सरकारी निर्देशों का पालन किया था, लेकिन सार्वजनिक रूप से इन आदेशों पर असहमति जताई थी। उसने कहा था कि इससे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सीमित होती है। उस समय ‘एक्स’ ने अपने ‘ग्लोबल गवर्नमेंट अफेयर्स’ खाते पर कहा था कि ऐसे निर्देशों की जानकारी सार्वजनिक नहीं किए जाने से जवाबदेही की कमी और मनमाने फैसलों की आशंका पैदा हो सकती है तथा सरकारी निर्देशों में अधिक पारदर्शिता जरूरी है।
केंद्र सरकार के ‘सहयोग पोर्टल’ को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच टकराव हुआ था। यह पोर्टल सामाजिक मीडिया मंचों और इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को सामग्री हटाने या अवरुद्ध करने के आदेश भेजने की सुविधा देता है। ‘एक्स’ ने इसे अतिरिक्त कानूनी सेंसरशिप का एक रूप बताया था, जबकि सरकार ने इसे नियमन के लिए प्रभावी व्यवस्था बताया था।
भाषा रमण
रमण

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