नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड) में स्थित पात्र विनिर्माण इकाइयों द्वारा घरेलू शुल्क क्षेत्र (डीटीए) में रियायती शुल्क दरों पर बिक्री की सुविधा के लिए एक विशेष एकमुश्त उपाय का प्रस्ताव रखा।
यह उद्योग जगत की एक पुरानी मांग थी, क्योंकि अमेरिका में उच्च शुल्क के कारण एसईजेड इकाइयों को अपनी क्षमता के उपयोग से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।
सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा, ”वैश्विक व्यापार व्यवधानों के कारण एसईजेड में विनिर्माण इकाइयों द्वारा क्षमता के उपयोग के संबंध में उत्पन्न चिंताओं को दूर करने के लिए, मैं एक विशेष एकमुश्त उपाय के रूप में पात्र विनिर्माण इकाइयों द्वारा डीटीए (घरेलू बाजार) में रियायती शुल्क दरों पर बिक्री की सुविधा देने का प्रस्ताव करती हूं।’’
इस तरह की बिक्री की मात्रा उनके निर्यात के एक निर्धारित अनुपात तक सीमित होगी।
उन्होंने कहा कि डीटीए में काम करने वाली इकाइयों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करते हुए इन उपायों को लागू करने के लिए आवश्यक नियामक बदलाव किए जाएंगे।
इससे पहले उद्योग जगत ने केंद्र से अनुरोध किया था कि उन्हें एसईजेड में बने उत्पादों को कच्चे माल पर छोड़े गए शुल्क के भुगतान के साथ घरेलू बाजार में बेचने की अनुमति दी जाए।
भाषा पाण्डेय अजय
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