श्रीलंका, विश्व बैंक ने आर्थिक पुनरुद्धार व विकास के लिए नई साझेदारी शुरू की

श्रीलंका, विश्व बैंक ने आर्थिक पुनरुद्धार व विकास के लिए नई साझेदारी शुरू की

श्रीलंका, विश्व बैंक ने आर्थिक पुनरुद्धार व विकास के लिए नई साझेदारी शुरू की
Modified Date: April 3, 2026 / 11:01 am IST
Published Date: April 3, 2026 11:01 am IST

कोलंबो/वॉशिंगटन, तीन अप्रैल (भाषा) श्रीलंका और विश्व बैंक समूह ने द्वीप राष्ट्र की आर्थिक बहाली को मजबूत करने एवं निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए नई पांच वर्षीय साझेदारी शुरू की है।

विश्व बैंक ने बृहस्पतिवार को वॉशिंगटन में जारी बयान में कहा कि ‘कंट्री पार्टनरशिप फ्रेमवर्क’ (सीपीएफ) के तहत शुरू की गई यह साझेदारी श्रीलंका की आर्थिक पुनर्बहाली को गति देने, मध्यम अवधि में सात प्रतिशत आर्थिक वृद्धि के लक्ष्य को हासिल करने एवं रोजगार सृजन में मदद करेगी।

बयान में कहा गया कि व्यापार को आसान बनाना, सरकारी नियमों को सरल करना, व्यापार प्रक्रियाओं का आधुनिकीकरण एवं सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन करना श्रीलंका को निवेश और कारोबार के लिए अधिक आकर्षक बनाएगा। इन सुधारों से देश को 2030 तक वार्षिक निर्यात आय को दोगुना कर 36 अरब डॉलर तक पहुंचाने के लक्ष्य में मदद मिलेगी।

श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने कहा कि सरकार स्थिर वृहद-आर्थिक स्थिति, बेहतर शासन एवं राजस्व आधारित राजकोषीय सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा, ‘‘ हमारा लक्ष्य अर्थव्यवस्था को मजबूत, टिकाऊ व समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ाना है और मध्यम अवधि में सात प्रतिशत से अधिक आर्थिक वृद्धि हासिल करना है।’’

विश्व बैंक के दक्षिण एशिया के उपाध्यक्ष योहानेस जे. ने पिछले तीन वर्ष में श्रीलंका की आर्थिक प्रगति को सराहनीय बताया।

उन्होंने कहा, ‘‘ श्रीलंका की आर्थिक बहाली कठिन प्रयासों से हासिल हुई है और यह प्रभावशाली है। यह नई साझेदारी सुनिश्चित करेगी कि इसके लाभ समाज के सभी वर्गों तक पहुंचें।’’

इस साझेदारी के तहत कोलंबो बंदरगाह की क्षमता बढ़ाने और निजी क्षेत्र के संचालकों को आकर्षित करने के लिए निवेश किया जाएगा, ताकि यह एशिया के प्रमुख समुद्री केंद्रों में बना रहे।

ऊर्जा क्षेत्र में श्रीलंका का लक्ष्य 2030 तक अपनी 70 प्रतिशत बिजली नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त करना है।

साझेदारी के तहत पर्यटन व कृषि क्षेत्रों में रोजगार सृजन को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इसके लिए श्रीलंका पर्यटन रणनीतिक योजना 2026-2030 को समर्थन दिया जाएगा और किसानों को नई प्रौद्योगिकी, बाजारों तथा वित्तीय संसाधनों से जोड़ा जाएगा।

युद्ध से प्रभावित उत्तरी व पूर्वी प्रांतों में भी विशेष निवेश और परामर्श सहायता दी जाएगी।

इसके अलावा यह साझेदारी भविष्य की आपदाओं से निपटने की तैयारी को भी मजबूत करेगी। नवंबर 2025 में आए चक्रवात ‘दित्वाह’ से करीब 4.1 अरब डॉलर का नुकसान हुआ था और 22 लाख लोग प्रभावित हुए थे। इसके बाद बेहतर पूर्व चेतावनी प्रणाली व मजबूत बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया जाएगा।

नई साझेदारी का मुख्य उद्देश्य निजी क्षेत्र के नेतृत्व में रोजगार सृजन है। अगले 10 वर्ष में करीब 10 लाख युवा श्रीलंका के रोजगार बाजार में प्रवेश करेंगे। यदि आर्थिक वृद्धि और निजी निवेश नहीं बढ़ा, तो अर्थव्यवस्था केवल करीब तीन लाख औपचारिक नौकरियां ही उत्पन्न कर पाएगी जिससे लगभग हर 10 में से सात युवाओं को गुणवत्तापूर्ण रोजगार नहीं मिल पाएगा।

भाषा निहारिका मनीषा

मनीषा


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