कोलंबो, तीन अप्रैल (भाषा) श्रीलंका सरकार ने पिछली सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों को बेचने के फैसले पर रोक लगा दी है। द्वीप राष्ट्र की सरकार ने उच्चतम न्यायालय को यह जानकारी दी।
अटॉर्नी जनरल परिंदा रणसिंघे जूनियर ने तीन न्यायाधीशों की पीठ के समक्ष बृहस्पतिवार को कहा कि श्रीलंकन एयरलाइंस, श्रीलंका टेलीकॉम, श्रीलंका इंश्योरेंस और लंका हॉस्पिटल्स को अब नहीं बेचा जाएगा।
यह मामला उस मौलिक अधिकार याचिका के बाद सामने आया था जिसमें तत्कालीन राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे की अगुवाई वाली पिछली सरकार के मंत्रिमंडल के सार्वजनिक उपक्रमों को बेचने के निर्णय को चुनौती दी गई थी।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के कार्यक्रम से जुड़े सुधारों के तहत इन संस्थानों में हिस्सेदारी बेचने की योजना बनाई गई थी, ताकि सरकारी घाटे को कम किया जा सके।
याचिकाकर्ताओं के वकीलों की दलील सुनने के बाद उच्चतम न्यायालय ने कहा कि चूंकि सरकार ने पिछली मंत्रिमंडल के फैसले पर रोक लगा दी है तो अब इस मामले पर सुनवाई की जरूरत नहीं है। इसके बाद अदालत ने इसका निपटारा कर दिया।
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