Uttarakhand News: ऋषिकेश बनेगा सुनियोजित और आधुनिक शहर, CM धामी के निर्देश पर बड़ा फैसला, पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा

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Uttarakhand News: ऋषिकेश बनेगा सुनियोजित और आधुनिक शहर, CM धामी के निर्देश पर बड़ा फैसला, पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा

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  • Publish Date - April 3, 2026 / 02:23 PM IST,
    Updated On - April 3, 2026 / 02:23 PM IST

Uttarakhand News | Photo Credit: @DIPR_UK

HIGHLIGHTS
  • ऋषिकेश महायोजना–2031 का उद्देश्य पर्यटन और शहरी विकास में संतुलन बनाना है
  • तपोवन क्षेत्र में अवैध निर्माण रोकने के लिए सख्त प्रावधान शामिल किए गए
  • योजना को जल्द अंतिम रूप देने के लिए सभी जिलों से सुझाव समेकित किए जा रहे हैं

देहरादून: Uttarakhand News  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के तहत ऋषिकेश महायोजना–2031 को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसी क्रम में सचिव आवास डॉ. आर राजेश कुमार की अध्यक्षता में राज्य सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में तीन जनपदों—टिहरी, पौड़ी और देहरादून से जुड़े अधिकारियों ने भाग लिया। राज्य सरकार का उद्देश्य इस महायोजना के माध्यम से ऋषिकेश को एक सुनियोजित, व्यवस्थित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करना है, जहां पर्यटन और शहरी विकास में संतुलन बना रहे।

अनियोजित और अवैध निर्माण तेजी से बढ़े

Uttarakhand News In Hindi बैठक के दौरान सबसे अधिक फोकस तपोवन क्षेत्र पर रहा, जो टिहरी विकास प्राधिकरण के अधीन आता है। अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2011 की पूर्व महायोजना के बाद इस क्षेत्र में अनियोजित और अवैध निर्माण तेजी से बढ़े हैं। होटल, गेस्ट हाउस और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के अनियंत्रित विस्तार ने न केवल क्षेत्र की भौगोलिक संरचना को प्रभावित किया है, बल्कि यातायात, पार्किंग और सीवरेज जैसी मूलभूत सुविधाओं पर भी दबाव बढ़ाया है। इसके चलते स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक द्वारा प्रस्तुत किए गए प्लान में इन समस्याओं के समाधान के लिए कई अहम प्रावधान शामिल किए गए हैं। जिन क्षेत्रों में पहले से होटल और व्यावसायिक गतिविधियां विकसित हो चुकी हैं, उन्हें ‘पर्यटन उपयोग क्षेत्र’ के रूप में चिन्हित किया गया है। इससे न केवल मौजूदा ढांचे को वैधता और संरचना मिलेगी, बल्कि पर्यटन को भी व्यवस्थित तरीके से बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, भविष्य में अनियोजित निर्माण पर रोक लगाने के लिए सख्त नियामक प्रावधान भी जोड़े गए हैं।

अधिकारियों ने जानकारी दी कि महायोजना को पहले संबंधित प्राधिकरण बोर्डों से अनुमोदन मिल चुका है और इसके बाद जनसुनवाई एवं प्रदर्शनी की प्रक्रिया भी की गई । जनसुझावों के आधार पर इसमें संशोधन किए गए और फिर इसे शासन को भेजा गया। शासन द्वारा पुनर्विचार के बाद इसे एक बार फिर संबंधित बोर्डों को भेजा गया, जहां से इसे अनुमन्य कर दिया गया है। अब योजना अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।

ऋषिकेश महायोजना–2031 तीन जनपदों में फैली हुई है—टिहरी, पौड़ी और देहरादून। इनमें से दो जिलों ने योजना को स्वीकृति दे दी है, जबकि पौड़ी जनपद ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। इन्हीं सुझावों पर विचार करने के लिए सचिव स्तर पर विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी जिलों से प्राप्त सुझावों को 15 दिनों के भीतर समेकित कर शासन को प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि महायोजना को जल्द अंतिम रूप दिया जा सके।

सचिव आवास डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार योजनाओं को समयबद्ध तरीके से लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी आपत्तियों और सुझावों का शीघ्र निस्तारण करते हुए महायोजना को अंतिम रूप दिया जाए।

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ऋषिकेश महायोजना–2031 का उद्देश्य क्या है?

ऋषिकेश को सुनियोजित, व्यवस्थित और आधुनिक शहर के रूप में विकसित करना, जहाँ पर्यटन और शहरी विकास में संतुलन रहे।

किन जिलों में यह महायोजना लागू होगी?

टिहरी, पौड़ी और देहरादून जिलों में।

तपोवन क्षेत्र पर विशेष ध्यान क्यों दिया गया?

यहाँ अनियोजित और अवैध निर्माण तेजी से बढ़े हैं, जिससे यातायात, पार्किंग और सीवरेज जैसी समस्याएँ बढ़ीं।