इस्पात, सीमेंट उद्योग कुछ लोगों के हाथों में, साठगांठ देश के लिए बड़ी समस्या: गडकरी

इस्पात, सीमेंट उद्योग कुछ लोगों के हाथों में, साठगांठ देश के लिए बड़ी समस्या: गडकरी

इस्पात, सीमेंट उद्योग कुछ लोगों के हाथों में, साठगांठ देश के लिए बड़ी समस्या: गडकरी
Modified Date: January 21, 2025 / 09:38 pm IST
Published Date: January 21, 2025 9:38 pm IST

मुंबई, 21 जनवरी (भाषा) केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कहा कि इस्पात और सीमेंट उद्योग के बीच ‘साठगांठ’ देश और इसके बुनियादी ढांचे के विकास के लिए एक बड़ी समस्या है।

बुनियादी ढांचे के विकास के लिए महत्वपूर्ण इन दोनों क्षेत्रों में बहुत कम कंपनियां हैं और ये साठगांठ के साथ काम करती हैं।

उन्होंने यहां आईसीईआरपी 2025 को संबोधित करते हुए कहा, ”इस्पात और सीमेंट उद्योग कुछ लोगों के हाथों में हैं। वे हमेशा दरें तय करते हैं। उनके बीच साठगांठ देश के लिए एक बड़ी समस्या है।”

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि फाइबर-प्रबलित प्लास्टिक (एफआरपी) इस्पात और सीमेंट कंपनियों की पकड़ को तोड़ने के लिए एक अच्छा विकल्प बन सकती हैं। उन्होंने इसके लिए हर संभव मदद की पेशकश की।

उन्होंने कहा, ”वैकल्पिक सामग्री बनाने के लिए आपका समर्थन करने में मेरा काफी हित है।”

गडकरी ने एफआरपी कंपनियों से अपनी कीमतें कम करने का आग्रह किया ताकि अंतिम लागत अन्य स्थापित विकल्पों की तुलना में 20-25 प्रतिशत कम हो।

मंत्री ने कहा कि एफआरपी का उपयोग बुनियादी ढांचे, विमानन, शिपिंग, सड़क निर्माण और मेट्रो रेल जैसे कई क्षेत्रों में किया जा सकता है।

उन्होंने एफआरपी उद्योग के प्रतिभागियों से कहा कि यदि आप इस्पात की तुलना में दर को 20-25 प्रतिशत कम कर सकते हैं, तो यह देश के लिए वास्तव में अच्छी बात हो सकती है।

भाषा

पाण्डेय रमण

रमण


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