स्टेलेंटिस की भारत से ‘जीप’ ब्रांड के वाहनों की नए बाजारों में निर्यात की योजना
स्टेलेंटिस की भारत से ‘जीप’ ब्रांड के वाहनों की नए बाजारों में निर्यात की योजना
नयी दिल्ली, 30 जनवरी (भाषा) वाहन विनिर्माता स्टेलेंटिस इंडिया ने शुक्रवार को कहा कि वह भारत में स्थानीय विनिर्माण आधार का उपयोग कर ‘जीप’ ब्रांड के वाहनों के निर्यात को नए वैश्विक बाजारों तक बढ़ाने की योजना बना रही है।
जीप और सिट्रोएन ब्रांड के वाहन बनाने वाली कंपनी का लक्ष्य जीप मॉडल में स्थानीय उत्पादों के इस्तेमाल स्तर को बढ़ाकर 90 प्रतिशत तक ले जाना है ताकि लागत को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके।
स्टेलेंटिस इंडिया के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक शैलेश हजेला ने बयान में कहा, ‘‘हमारी ‘रणनीतिक योजना जीप 2.0’ के तहत उत्पाद रणनीति को असरदार बनाया जाएगा और ग्राहकों के अनुभव में भी लगातार सुधार करने पर ध्यान दिया जाएगा।’’
उन्होंने कहा कि यह रणनीति गहन स्थानीयकरण, वैश्विक उत्पादों के साथ मेल बिठाने, वाहन पोर्टफोलियो के विस्तार और ग्राहकों को वास्तविक मूल्य देने वाले कार्यक्रमों पर आधारित है।
इसके साथ ही कंपनी मौजूदा ग्राहकों पर भी समान रूप से ध्यान केंद्रित कर रही है ताकि उन्हें अपेक्षित समर्थन, सेवा और भरोसा मिलता रहे।
हजेला ने कहा कि भारत में सफलता के लिए दीर्घकालिक प्रतिबद्धता और धैर्य आवश्यक है और इसी स्पष्टता के साथ निवेश किया जा रहा है।
कंपनी ने कहा कि भारत में नए उत्पादों को पेश करने की योजना है और इस क्रम में जीप ब्रांड का पहला मॉडल 2027 तक आने की उम्मीद है। जीप ब्रांड 2017 से पुणे के पास स्थित रांजणगांव संयंत्र से जीप कम्पास का प्रमुख वैश्विक बाजारों में निर्यात कर रहा है।
रांजणगांव स्थित जीप विनिर्माण संयंत्र की वार्षिक स्थापित क्षमता 1.6 लाख वाहन की है।
जीप इंडिया फिलहाल कम्पास, मेरिडियन और कमांडर जैसे मॉडल का निर्यात जापान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे बाजारों में कर रही है। कंपनी अफ्रीका और उत्तरी अमेरिका के अन्य बाजारों में भी निर्यात विस्तार की योजना पर काम कर रही है।
कंपनी ने कहा कि स्थानीयकरण को मौजूदा 65-70 प्रतिशत से बढ़ाकर 90 प्रतिशत करने से लागत प्रतिस्पर्धा, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती और विनिर्माण क्षमता को और बल मिलेगा।
भाषा प्रेम
प्रेम अजय
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