मुंबई, 13 जनवरी (भाषा) विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और वैश्विक स्तर पर शुल्क से जुड़ी चिंताओं के बीच प्रमुख शेयरों में मुनाफावसूली हावी रहने से मंगलवार को घरेलू शेयर बाजार नुकसान के साथ बंद हुए। सेंसेक्स में 250 अंक की गिरावट रही जबकि निफ्टी में 58 अंक की कमजोरी आई।
कारोबारियों ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं से प्रभावित उतार-चढ़ाव भरे कारोबार में तिमाही नतीजों की कमजोर शुरुआत से भी बाजार धारणा दबाव में रही।
बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 250.48 अंक यानी 0.30 प्रतिशत गिरकर 83,627.69 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 615.38 अंक फिसलकर 83,262.79 के स्तर तक आ गया था।
वहीं, एनएसई का मानक सूचकांक निफ्टी 57.95 अंक यानी 0.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,732.30 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से ट्रेंट, लार्सन एंड टूब्रो, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंटरग्लोब एविएशन, मारुति, आईटीसी, अदाणी पोर्ट्स और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स प्रमुख रूप से नुकसान में रहीं।
दूसरी तरफ, इटर्नल, आईसीआईसीआई बैंक, टेक महिंद्रा, भारतीय स्टेट बैंक और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर शुल्क लगाने की अमेरिकी चेतावनी से बाजार में चिंता नजर आई। इसके अलावा रुपये में कमजोरी, कच्चे तेल में तेजी, अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में सुधार और विदेशी पूंजी की निकासी से निवेशक धारणा सतर्क बनी रही।’
नायर ने कहा कि तिमाही नतीजों की कमजोर शुरुआत के बीच प्रमुख कंपनियों में मुनाफावसूली का रुझान देखा गया जिससे बाजार दबाव में आ गया।
देश की सबसे बड़ी आईटी सेवा कंपनी टीसीएस ने दिसंबर तिमाही में नए श्रम संहिताओं के एकमुश्त असर के चलते शुद्ध लाभ 13.91 प्रतिशत घटकर 10,657 करोड़ रुपये रह जाने की सूचना दी है।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने सोमवार को 3,638.40 करोड़ रुपये के शेयरों की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 5,839.32 करोड़ रुपये की खरीदारी की।
वैश्विक मोर्चे पर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ कारोबार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाने की घोषणा से भी निवेशक सतर्क रहे।
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा ने कहा, ‘मौजूदा भू-राजनीतिक एवं वैश्विक व्यापार चिंताओं ने निवेशकों की जोखिम लेने की प्रवृत्ति पर असर डाला जिससे सौदे काफी हद तक कुछ खास कंपनियों तक ही सीमित रहे।’
व्यापक बाजार में छोटी कंपनियों का बीएसई स्मालकैप सूचकांक 0.46 प्रतिशत चढ़ गया जबकि मझोली कंपनियों के मिडकैप सूचकांक में 0.16 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
क्षेत्रवार सूचकांकों में दूरसंचार खंड में 1.18 प्रतिशत, औद्योगिक खंड में 1.09 प्रतिशत और पूंजीगत उत्पाद खंड में 0.67 प्रतिशत की गिरावट रही।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की और हांगकांग का हैंगसेंग चढ़कर बंद हुए जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट नुकसान में रहा।
यूरोप के बाजार मिले-जुले रुख के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिकी बाजार सोमवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट कच्चा तेल 1.86 प्रतिशत बढ़कर 65.06 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
सोमवार को बीएसई सेंसेक्स 301.93 अंक चढ़कर 83,878.17 अंक और एनएसई निफ्टी 106.95 अंक बढ़कर 25,790.25 अंक पर बंद हुआ था।
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प्रेम रमण
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