बैंकों के पर्यवेक्षी आंकड़ा गुणवत्ता सूचकांक में दिसंबर 2025 में मामूली वृद्धि: आरबीआई

बैंकों के पर्यवेक्षी आंकड़ा गुणवत्ता सूचकांक में दिसंबर 2025 में मामूली वृद्धि: आरबीआई

बैंकों के पर्यवेक्षी आंकड़ा गुणवत्ता सूचकांक में दिसंबर 2025 में मामूली वृद्धि: आरबीआई
Modified Date: March 31, 2026 / 08:23 pm IST
Published Date: March 31, 2026 8:23 pm IST

मुंबई, 31 मार्च (भाषा) भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मंगलवार को बताया कि अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का पर्यवेक्षी आंकड़ा गुणवत्ता सूचकांक अंक दिसंबर, 2025 की तिमाही में बढ़कर 90.9 हो गया, जबकि जुलाई-सितंबर में यह 90.7 था।

आरबीआई ने रिटर्न दाखिल करने में सटीकता, समयबद्धता, पूर्णता और निरंतरता के संदर्भ में आंकड़ों की गुणवत्ता मापने के लिए पर्यवेक्षी आंकड़ा गुणवत्ता सूचकांक (एसडीक्यूआई) बनाया है।

इस सूचकांक का उद्देश्य पर्यवेक्षी रिटर्न दाखिल करने संबंधी आरबीआई के ‘मास्टर’ निर्देश 2024 में निर्धारित सिद्धांतों के अनुपालन का आकलन करना है।

केंद्रीय बैंक ने कहा, ‘‘अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का एसडीक्यूआई अंक सितंबर, 2025 की तुलना में दिसंबर, 2025 में बेहतर हुआ है।’’

पिछले साल दिसंबर में दो इकाइयों का स्कोर 80 से कम रहा।

सत्तर से कम अंक ‘गंभीर चिंता का विषय’ दर्शाता है, 70-80 के बीच ‘सुधार की आवश्यकता’, 80-90 के बीच ‘स्वीकार्य’ और 90 से अधिक ‘अच्छा’ दर्शाता है।

एसडीक्यूआई 87 अनुसूचित वाणिज्यिक बैंक और उनके प्रमुख रिटर्न को कवर करता है, जिनमें परिसंपत्ति गुणवत्ता, जोखिम-आधारित पर्यवेक्षण, नकदी और पूंजी पर्याप्तता शामिल हैं।

आरबीआई ने कहा कि एसडीक्यूआई पर्यवेक्षी आंकड़ों की गुणवत्ता का एक व्यापक और मात्रात्मक माप प्रदान करता है, जो पर्यवेक्षी परीक्षण का आधार बनता है।

भाषा रमण अजय

अजय


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