पियाजियो को उप्र में औद्योगिक भूखंड खाली करने का उच्चतम न्यायालय का आदेश

पियाजियो को उप्र में औद्योगिक भूखंड खाली करने का उच्चतम न्यायालय का आदेश

पियाजियो को उप्र में औद्योगिक भूखंड खाली करने का उच्चतम न्यायालय का आदेश
Modified Date: April 6, 2026 / 08:50 pm IST
Published Date: April 6, 2026 8:50 pm IST

नयी दिल्ली, छह अप्रैल (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने उत्तर प्रदेश में ‘पियाजियो व्हीकल्स प्राइवेट लिमिटेड’ को आवंटित एक औद्योगिक भूखंड का पट्टा रद्द करने के फैसले को सोमवार को सही ठहराया।

न्यायालय ने कहा कि कंपनी जमीन का उपयोग करने में विफल रही और उसने कई वर्षों तक पट्टे की शर्तों का उल्लंघन किया।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एन वी अंजारिया की पीठ कंपनी की उस अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश को चुनौती दी गई थी।

उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीएसआईडीए) द्वारा पट्टा रद्द करने के फैसले पर मुहर लगाई थी।

यह विवाद ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर में 33 एकड़ के एक औद्योगिक भूखंड से संबंधित था, जो कंपनी को विनिर्माण इकाई स्थापित करने के लिए आवंटित किया गया था।

शीर्ष अदालत ने कहा कि 2002 में कब्जा मिलने के बावजूद कंपनी तय समय के भीतर निर्माण कार्य करने या औद्योगिक उत्पादन शुरू करने में विफल रही, जैसा कि पट्टा विलेख के तहत आवश्यक था। अदालत ने कंपनी के आचरण को ‘लापरवाह’ करार दिया।

न्यायालय ने कंपनी को निर्देश दिया कि वह 30 दिन के भीतर इस भूखंड को पूरी तरह खाली करके इसका कब्जा यूपीएसआईडीए को सौंप दे।

हालांकि, शीर्ष अदालत ने आदेश दिया कि कार्यवाही के दौरान कंपनी द्वारा जमा की गई 10.95 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अर्जित ब्याज सहित वापस की जाए।

भाषा सुमित अजय

अजय


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