स्विगी का तीसरी तिमाही का घाटा बढ़कर 1,065 करोड़ रुपये हुआ
स्विगी का तीसरी तिमाही का घाटा बढ़कर 1,065 करोड़ रुपये हुआ
नयी दिल्ली, 29 जनवरी (भाषा) ऑनलाइन ऑर्डर पर घर-घर भोजन पहुंचाने और त्वरित वाणिज्य क्षेत्र की प्रमुख कंपनी स्विगी का घाटा दिसंबर में समाप्त तीसरी तिमाही में बढ़कर 1,065 करोड़ रुपये हो गया है। घाटे में इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह इसके क्विक कॉमर्स खंड ‘इंस्टामार्ट’ में जारी नुकसान और विज्ञापन एवं बिक्री पर बढ़ता खर्च है।
कंपनी ने बृहस्पतिवार को बताया कि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में उसने 799 करोड़ रुपये का एकीकृत घाटा दर्ज किया था।
बाजार में जारी ‘अतार्किक प्रतिस्पर्धा’ की ओर इशारा करते हुए स्विगी के सह-संस्थापक और समूह मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) श्रीहर्ष मजेटी ने कहा कि कम मूल्य वाले ऑर्डर (एओवी) के स्तर पर किए गए निवेश से वांछित वृद्धि नहीं मिली है और अब इनकी समीक्षा की जा रही है।
शेयरधारकों को लिखे एक पत्र में मजेटी ने स्पष्ट किया कि कंपनी ने भारी छूट के माध्यम से केवल मात्रा बढ़ाने वाली वैसी वृद्धि का हिस्सा न बनने का फैसला किया है, जो मार्जिन को नुकसान पहुंचाती हो।
स्विगी के क्विक कॉमर्स व्यवसाय ‘इंस्टामार्ट’ को तीसरी तिमाही में 908 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। हालांकि, आलोच्य तिमाही के दौरान कंपनी का परिचालन राजस्व बढ़कर 6,148 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले 3,993 करोड़ रुपये था। वहीं, कंपनी का कुल खर्च भी 4,898 करोड़ रुपये से बढ़कर 7,298 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
भाषा सुमित अजय
अजय

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