मधेपुरा संयंत्र के लिए 200 और इलेक्ट्रिक इंजन के ऑर्डर पर रेलवे से बातचीत: अल्सटॉम

मधेपुरा संयंत्र के लिए 200 और इलेक्ट्रिक इंजन के ऑर्डर पर रेलवे से बातचीत: अल्सटॉम

मधेपुरा संयंत्र के लिए 200 और इलेक्ट्रिक इंजन के ऑर्डर पर रेलवे से बातचीत: अल्सटॉम
Modified Date: August 20, 2026 / 03:32 pm IST
Published Date: August 20, 2026 3:32 pm IST

नयी दिल्ली, 20 अगस्त (भाषा) भारतीय रेलवे फ्रांसीसी रेल उपकरण कंपनी अल्सटॉम के मधेपुरा स्थित संयंत्र में 200 और इलेक्ट्रिक मालगाड़ी इंजन बनवाने के लिए कंपनी के साथ बातचीत कर रहा है। कंपनी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है।

अल्सटॉम की इकाई मधेपुरा इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव प्राइवेट लिमिटेड (एमईएलपीएल) के प्रबंध निदेशक विवेक गर्ग ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि 800 इलेक्ट्रिक मालगाड़ी इंजन के मौजूदा ऑर्डर को मार्च, 2028 तक पूरा कर लिया जाएगा।

गर्ग ने कहा, ‘‘हम मधेपुरा संयंत्र से अब तक 650 रेल इंजन की आपूर्ति कर चुके हैं।’’

उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे और अल्सटॉम के बीच हुए करार के तहत रेलवे 200 और इलेक्ट्रिक इंजन का ऑर्डर दे सकता है। साथ ही, इस संयंत्र का इस्तेमाल रेलवे से संबंधित अन्य उत्पादों के विनिर्माण के लिए भी किया जा सकता है।

गर्ग ने कहा कि मधेपुरा संयंत्र के बेहतर इस्तेमाल को लेकर भारतीय रेलवे के साथ अभी चर्चा चल रही है और इस संबंध में कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ है।

भारतीय रेलवे और अल्सटॉम ने वर्ष 2015 में मधेपुरा में 800 इलेक्ट्रिक इंजन के विनिर्माण के लिए संयुक्त उद्यम कंपनी एमईएलपीएल का गठन किया था। इस संयुक्त उद्यम में रेल मंत्रालय की 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

गर्ग ने कहा कि इस संयंत्र के लिए जमीन 35 साल के पट्टे पर दी गई है और यह 2048-49 तक कंपनी के पास रहेगी। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी संयंत्र में लगी मशीनरी और अन्य बुनियादी ढांचा मौजूद रहेगा।

एक स्वतंत्र सामाजिक-आर्थिक प्रभाव आकलन अध्ययन के अनुसार, मधेपुरा इलेक्ट्रिक इंजन परियोजना ने वित्त वर्ष 2020-26 के दौरान देशभर में कुल 60,000 करोड़ रुपये के आर्थिक उत्पादन में योगदान दिया।

अध्ययन के मुताबिक, वित्त वर्ष 2023-24 में मधेपुरा स्थित एमईएलपीएल के संयंत्र का बिहार के कुल माल एवं सेवा कर (जीएसटी) संग्रह में करीब एक प्रतिशत योगदान रहा।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय


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