मोटे अनाज मिशन के तहत रागी पैदावार में तमिलनाडु शीर्ष पर; 12.84 लाख किसानों को फायदा हुआ

मोटे अनाज मिशन के तहत रागी पैदावार में तमिलनाडु शीर्ष पर; 12.84 लाख किसानों को फायदा हुआ

मोटे अनाज मिशन के तहत रागी पैदावार में तमिलनाडु शीर्ष पर; 12.84 लाख किसानों को फायदा हुआ
Modified Date: February 17, 2026 / 09:02 pm IST
Published Date: February 17, 2026 9:02 pm IST

चेन्नई, 17 फरवरी (भाषा) राज्य सरकार ने पांच साल के तमिलनाडु मोटे अनाज मिशन को लागू करने के बाद रागी की पैदावार में शीर्ष दर्जा हासिल किया है। मंत्री एमआरके पन्नीरसेल्वम ने मंगलवार को यह जानकारी दी।

विधानसभा में अंतरिम कृषि बजट पेश करते हुए, उन्होंने कहा कि मोटे अनाज का उत्पादन और खपत बढ़ाने के मकसद से वर्ष 2023-24 में शुरू किए गए तमिलनाडु मोटा अनाज मिशन से अब तक 12.84 लाख किसानों को फायदा हुआ है, जिससे सरकारी खजाने पर 178 करोड़ रुपये खर्च का बोझ आया है।

उन्होंने कहा कि मिशन के तहत, 20 लाख एकड़ में मोटे अनाज उगाये गये हैं।

राज्य के कृषि और किसान कल्याण मंत्री ने कहा, ‘‘इस पहल के नतीजे में, तमिलनाडु राष्ट्रीय स्तर पर रागी की पैदावार में पहले और लघु मोटा अनाज उत्पादन में पांचवें स्थान पर है।’’

उन्होंने कहा कि इसके अलावा पोषण खेती मिशन के तहत, कृषि विभाग ने 25 लाख लाभार्थियों को 19 करोड़ रुपये की लागत से 15 लाख साग-सब्जी बीज किट, नौ लाख फलों के किट और एक लाख दलहन बीज के किट बांटे हैं।

पनीरसेल्वम ने आगे कहा कि पोषण सुरक्षा को मजबूत करने और पारंपरिक, पोषण से भरपूर खाने के तरीकों को बढ़ावा देकर सार्वजनिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के मकसद से, सरकार ने वर्ष 2021-22 और वर्ष 2024-25 के बीच 21 करोड़ रुपये की लागत से 21 लाख पोषण किट बांटे।

भाषा राजेश राजेश अजय

अजय


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