दूरसंचार क्षेत्र में निर्णय की रफ्तार धीमी नहीं, कंपनियों का ध्यान क्षमता विस्तार पर: एरिक्सन इंडिया

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दूरसंचार क्षेत्र में निर्णय की रफ्तार धीमी नहीं, कंपनियों का ध्यान क्षमता विस्तार पर: एरिक्सन इंडिया

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  • Publish Date - May 30, 2021 / 08:24 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:29 PM IST

नयी दिल्ली, 30 मई (भाषा) कोविड महामारी की दूसरी लहर से दूरसंचार बाजार में निर्णय लेने की प्रक्रिया धीमी नहीं पड़ी है और परिचालक सुरक्षा पहलुओं को ध्यान में रखकर इंटरनेट (डेटा) मांग में वृद्धि को देखते हुए नेटवर्क क्षमता के प्रबंधन पर ध्यान दे रहे हैं। एरिक्सन इंडिया के एक शीर्ष अधिकारी ने यह कहा।

स्वीडन की दूरसंचार उपकरण विनिर्माता कंपनी ने यह भी कहा कि भारत में 5जी प्रौद्योगिकी की तैनाती के लिये जब भी निर्णय किया जाता है, वह उसके पूरी तरह से तैयार है। लेकिन समय के बारे में सरकार और नीतिनिर्माताओं को निर्णय करना है।

यह पूछे जाने पर कि क्या कोविड महामरी की दूसरी लहर ने दूरसंचार बाजार में निर्णय लेने की प्रक्रिया बाधित हुई है, एरिक्सन इंडिया के प्रबंध निदेशक और नेटवर्क सोल्यूशंस (दक्षिण पूर्व एशिया, पूर्वी एशिया, ओसिएनिया और भारत) के प्रमुख नितिन बंसल ने पीटीआई भाषा से कह, ‘‘हमने ऐसा नहीं देखा है।’’

बंसल ने कहा, ‘‘इंटरनेट की खपत बनी हुई है। मैंने किसी चीज में कमी नहीं देखी है। कंपनियां मांग के आधार पर क्षमता को दुरूस्त करने पर ध्यान दे रही हैं। हर कोई अपने कर्मचारियों की चिंता करते हुए जिम्मेदार तरीके से कम कर रहा है…।’’

कोविड महामहारी की रोकथाम के लिये राज्यों में लगाये गये ‘लॉकडाउन’ के बीच दूरसंचार सेवाओं को अनिवार्य सेवाओं की श्रेणी में रखा गया है। घर से दफ्तर का काम और सामाजिक दूरी नियमों के पालन से डेटा का उपयोग काफी बढ़ा है। इससे दूरसंचार परिचालक नेटवर्क क्षमता में निवेश करने को प्ररित हुए हैं।

बंसल के अनुसार एरिक्सन भारत में 5जी तैनाती के लिये तैयार है। 5जी ग्राहकों और कंपनियों के विभिन्न प्रोद्योगिकी और एप्लीकेशन के उपयोग के लिये नया अवसर खोलेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने दुनिया के कई देशों में काम किया है। उन देशों में स्पेक्ट्रम और इंटरनेट की मांग की स्थिति अलग-अलग थी। और भारत में 5जी को चालू करने के लिये, जो भी जरूरी होगाा, हम उसके लिये तैयार हैं।’’

कंपनी भारत में 5जी की संभावना को लेकर आशावादी है।

यह पूछे जाने पर कि क्या स्पेक्ट्रम नीलामी में देरी से भारत की 5जी से जुड़ी आकांक्षाओं पर असर पड़ सकता है, बंसल ने कहा, ‘हमने उपभोक्ताओं और उद्यमों के लिए 5जी के लाभों को देखा है। यह बस के छूटने जैसा नहीं है, क्योंकि यह उभरती हुई तकनीक है। इसके लिए किफायती और पर्याप्त मात्रा में स्पेक्ट्रम की उपलब्धता बुनियादी जरूरत है। एक बार यह उपलब्ध हो जाने के बाद, हम इसे चालू करने प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं।’’

उन्होंने कहा कि 5जी के क्रियान्वयन की समयसीमा के बारे में सरकार को निर्णय करना है।

भाषा रमण मनोहर

मनोहर