मुंबई : बैंक, वित्तीय और दूरसंचार शेयरों में भारी बिकवाली के चलते बीएसई सेंसेक्स बुधवार को अपनी शुरुआती बढ़त बरकरार नहीं रख सका और कारोबार के अंत में 344 अंक गिरकर पांच महीने के निचले स्तर पर बंद हुआ। इस दौरान बैंकों की सेहत और उच्च मुद्रास्फीति की चिंताओं ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया।
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कारोबारियों ने कहा कि इसके अलावा घरेलू बाजार से लगातार विदेशी पूंजी की निकासी और रुपये में गिरावट से शेयर बाजारों पर दबाव बना रहा। लगातार पांचवें सत्र में गिरावट के साथ 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 344.29 अंक यानी 0.59 प्रतिशत टूटकर 57,555.90 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान इसने 58,473.63 के ऊपरी और 57,455.67 के निचले स्तर को छुआ। इसी तरह, एनएसई निफ्टी 71.15 अंक यानी 0.42 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16,972.15 पर बंद हुआ।
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सेंसेक्स के शेयरों में इंडसइंड बैंक को सबसे अधिक नुकसान हुआ। इसके अलावा भारती एयरटेल, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई, एचयूएल, टाटा मोटर्स, नेस्ले इंडिया और एक्सिस बैंक भी नुकसान में रहे। दूसरी ओर एशियन पेंट्स, टाटा स्टील, टाइटन और एलएंडटी बढ़ने वाले प्रमुख शेयरों में शामिल थे।
अन्य एशियाई बाजारों में चीन का शंघाई कंपोजिट, जापान का निक्की, हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी लाभ में बंद हुए। हालांकि, दोपहर के कारोबार में यूरोपीय शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी गई। अमेरिकी शेयर बाजार मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे। इस बीच, रुपया बुधवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 25 पैसे की गिरावट के साथ 82.62 पर बंद हुआ। अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.72 प्रतिशत बढ़कर 78.01 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर पहुंच गया।शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने मंगलवार को शुद्ध रूप से 3,086.96 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।