पानी और चीनी की प्लास्टिक पैकेजिंग पर चेतावनी छापने में कुछ गलत नहीं: उच्चतम न्यायालय

पानी और चीनी की प्लास्टिक पैकेजिंग पर चेतावनी छापने में कुछ गलत नहीं: उच्चतम न्यायालय

पानी और चीनी की प्लास्टिक पैकेजिंग पर चेतावनी छापने में कुछ गलत नहीं: उच्चतम न्यायालय
Modified Date: April 6, 2026 / 06:31 pm IST
Published Date: April 6, 2026 6:31 pm IST

नयी दिल्ली, छह अप्रैल (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को मद्रास उच्च न्यायालय के उस आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया, जिसमें निर्देश दिया गया था कि पानी, नमक और चीनी बेचने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सभी प्लास्टिक/पीईटी बोतलों और पैकेजिंग पर एक चेतावनी लिखी होनी चाहिए कि इन खाद्य पदार्थों में ‘माइक्रो/नैनो प्लास्टिक हो सकते हैं’।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा, ‘चेतावनी प्रदर्शित करने में कुछ भी गलत नहीं है।’

पीठ ने कहा, ‘भले ही सरकार इस मामले में सुस्त रवैया अपना रही हो, लेकिन उच्च न्यायालय इस पर बहुत सकारात्मक है क्योंकि अध्ययनों में माइक्रो प्लास्टिक की मौजूदगी की बात सामने आई है… जनता को इसके बारे में जागरूक होने दीजिए।’

शीर्ष अदालत ‘पीईटी पैकेजिंग एसोसिएशन फॉर क्लीन एनवायरमेंट’ द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही थी।

इस याचिका में मद्रास उच्च न्यायालय के फरवरी, 2026 के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसमें भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) को निर्देश दिया गया था कि वह प्लास्टिक की बोतल में बिकने वाले पानी के साथ-साथ चीनी और नमक की प्लास्टिक पैकिंग पर भी मोटे और लाल अक्षरों में यह चेतावनी छापने की अधिसूचना जारी करे।

भाषा सुमित अजय

अजय


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