टीवीएस सप्लाई चेन ने अंतरिक्ष, रक्षा क्षेत्र में प्रवेश के लिए एएलए ग्रुप के साथ बनाया संयुक्त उद्यम

टीवीएस सप्लाई चेन ने अंतरिक्ष, रक्षा क्षेत्र में प्रवेश के लिए एएलए ग्रुप के साथ बनाया संयुक्त उद्यम

टीवीएस सप्लाई चेन ने अंतरिक्ष, रक्षा क्षेत्र में प्रवेश के लिए एएलए ग्रुप के साथ बनाया संयुक्त उद्यम
Modified Date: June 4, 2026 / 03:50 pm IST
Published Date: June 4, 2026 3:50 pm IST

मुंबई, चार जून (भाषा) टीवीएस सप्लाई चेन सॉल्यूशंस (एससीएस) ने इटली के एएलए ग्रुप के साथ संयुक्त उपक्रम का गठन कर अंतरिक्ष क्षेत्र और रक्षा आपूर्ति शृंखला बाजार में प्रवेश की बृहस्पतिवार को घोषणा की।

कंपनी ने कहा कि इस साझेदारी से वर्ष 2031 तक 2,000 करोड़ रुपये से अधिक का संचयी राजस्व मिलने की उम्मीद है।

बयान के मुताबिक, संयुक्त उपक्रम में दोनों की हिस्सेदारी 51:49 के अनुपात में होगी। यह शुरुआत में भारत में अवसरों पर केंद्रित रहेगा, जबकि टीवीएस एससीएस और एएलए समय के साथ चयनित अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अंतरिक्ष तथा रक्षा आपूर्ति शृंखला आवश्यकताओं के समर्थन के अवसरों का आकलन करते रहेंगे।

कंपनी ने बताया कि यह संयुक्त उपक्रम घरेलू अंतरिक्ष तथा रक्षा क्षेत्र में अवसरों को ध्यान में रखते हुए संपूर्ण एकीकृत आपूर्ति शृंखला समाधान में विशेषज्ञता हासिल करेगा।

टीवीएस सप्लाई चेन के अनुसार, भारत के रक्षा लॉजिस्टिक बाजार में लगभग 8.6 प्रतिशत की संचयी दर से वृद्धि होने की उम्मीद है।

कंपनी ने बताया कि दोनों साझेदारों ने इस वर्ष की शुरुआत में शुरुआती समझौता किया था, जिसके बाद अंतरिक्ष तथा रक्षा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न उद्योग प्रतिभागियों के बीच मजबूत रुचि और सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। इसी गति ने इस साझेदारी को औपचारिक रूप देने का निर्णय प्रेरित किया।

टीवीएस सप्लाई चेन सॉल्यूशंस के कार्यकारी चेयरमैन आर. दिनेश ने कहा, “यह संयुक्त उपक्रम हमें उच्च वृद्धि वाले और वैश्विक रूप से महत्वपूर्ण अंतरिक्ष तथा रक्षा आपूर्ति शृंखला बाजार में प्रवेश का अवसर देता है।”

एएलए समूह के उपाध्यक्ष एवं सह-संस्थापक विटोरियो जेना ने कहा, “भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते अंतरिक्ष तथा रक्षा बाजारों में से एक है, जो रक्षा आधुनिकीकरण कार्यक्रमों में बढ़ोतरी और वैश्विक साझेदारियों के विस्तार से प्रेरित है। हमारे अंतरिक्ष क्षेत्र में मजबूत ग्राहक संबंध हैं और इस क्षेत्र की कई वैश्विक कंपनियां भारत में अपनी उपस्थिति का सक्रिय रूप से मूल्यांकन कर रही हैं और उसका विस्तार कर रही हैं, जिससे विशेषीकृत आपूर्ति शृंखला सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर बन रहे हैं।”

भाषा योगेश रमण

रमण


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