Mahadev Satta App Bilaspur High Court : कागजों में बंद नहीं रहेगा सट्टे का पैसा! महादेव ऐप केस में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, ED के 423 करोड़ रुपये को लेकर आया नया आदेश

महादेव ऑनलाइन सट्टा एप और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने 423 करोड़ रुपये की फ्रीज संपत्ति को लेकर अहम फैसला दिया है। कोर्ट ने कहा कि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव से संपत्ति की वैल्यू घट सकती है, इसलिए इसे सुरक्षित निवेश में बदलने की अनुमति दी जा सकती है, लेकिन पूरी रकम ईडी के नियंत्रण में रहेगी। इस फैसले को मामले में बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।

Mahadev Satta App Bilaspur High Court : कागजों में बंद नहीं रहेगा सट्टे का पैसा! महादेव ऐप केस में हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, ED के 423 करोड़ रुपये को लेकर आया नया आदेश

Mahadev Satta App Bilaspur High Court / Screengrab ( credit )

Modified Date: June 4, 2026 / 02:40 pm IST
Published Date: June 4, 2026 2:37 pm IST
HIGHLIGHTS
  • महादेव ऑनलाइन सट्टा एप केस में फ्रीज 423 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
  • कंपनियों को ईडी की निगरानी में फ्रीज शेयर बेचकर सुरक्षित निवेश (MF/सरकारी सिक्योरिटीज) की अनुमति
  • कोर्ट ने कहा संपत्ति की वैल्यू बचाना जरूरी, केवल फ्रीज रखना पर्याप्त नहीं

बिलासपुर : Mahadev Satta App Bilaspur High Court   महादेव ऑनलाइन सट्टा एप और मनी लॉन्ड्रिंग मामले से जुड़ी कंपनियों को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा फ्रीज किए गए करीब 423 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों और डीमैट खातों की वैल्यू सुरक्षित रखने के लिए महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है।

ऐसे कर सकते है फ्रिज रकम का इस्तेमाल

कोर्ट ने कहा कि शेयर बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव होता रहता है और यदि फ्रीज किए गए शेयरों की कीमत गिरती है तो इससे भारी आर्थिक नुकसान हो सकता है। जस्टिस रविंद्र कुमार अग्रवाल की सिंगल बेंच ने अपने दिए गए फैसले में कंपनियों को यह छूट दी है कि वे फ्रीज किए गए शेयरों को बेचकर प्राप्त रकम को ईडी की निगरानी में सुरक्षित म्यूचुअल फंड या सरकारी सिक्योरिटीज में निवेश कर सकती हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पूरी राशि ईडी के नियंत्रण में ही रहेगी और कंपनियां उसे निकाल नहीं सकेंगी।

क्या है पूरा मामला ?

बता दें कि ईडी ने वर्ष 2022 में महादेव ऑनलाइन बुक सट्टा एप मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। Mahadev Satta App Bilaspur High Court जांच के दौरान एजेंसी को जानकारी मिली कि सट्टेबाजी से अर्जित कथित अवैध धन को कोलकाता के कारोबारी हरि शंकर टिबरेवाल और सूरज चोखानी के माध्यम से विभिन्न कंपनियों में निवेश किया गया। ईडी के मुताबिक इस रकम का इस्तेमाल शेयर बाजार में निवेश के लिए किया गया था।

संपत्ति को फ्रीज या अटैच करने का उद्देश्य उसे सुरक्षित रखना

इसके बाद 28 फरवरी 2024 को ईडी ने कार्रवाई करते हुए आठ कंपनियों के डीमैट और ट्रेडिंग खाते फ्रीज कर दिए थे। इन खातों में मौजूद शेयरों की कुल वैल्यू 29 फरवरी 2024 की स्थिति में करीब 423.60 करोड़ रुपये आंकी गई थी। हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि पीएमएलए कानून के तहत संपत्ति को फ्रीज या अटैच करने का उद्देश्य उसे सुरक्षित रखना होता है।

Money Laundering Case Chhattisgarh संपत्ति का मूल्य बचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती है

केवल कागजी तौर पर अधिकार बनाए रखना पर्याप्त नहीं है। यदि शेयर बाजार में गिरावट के कारण संपत्ति की कीमत कम हो जाती है, तो फ्रीज करने का मूल उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा। कोर्ट ने कहा कि भविष्य में यदि कंपनियां केस जीतती हैं या सरकार संपत्ति जब्त करती है, दोनों ही स्थितियों में संपत्ति की वास्तविक वैल्यू सुरक्षित रहना जरूरी है। अदालत ने यह भी माना कि ईडी कोई निवेश प्रबंधन एजेंसी नहीं है, लेकिन संपत्ति का मूल्य बचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा सकती है।

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