बेरोजगारी दर जुलाई में घटकर 5.1 प्रतिशत पर आई, श्रमबल भागीदारी एवं रोजगार अनुपात बढ़ा

बेरोजगारी दर जुलाई में घटकर 5.1 प्रतिशत पर आई, श्रमबल भागीदारी एवं रोजगार अनुपात बढ़ा

बेरोजगारी दर जुलाई में घटकर 5.1 प्रतिशत पर आई, श्रमबल भागीदारी एवं रोजगार अनुपात बढ़ा
Modified Date: August 17, 2026 / 05:11 pm IST
Published Date: August 17, 2026 5:11 pm IST

नयी दिल्ली, 17 अगस्त (भाषा) देश में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की बेरोजगारी दर जुलाई महीने में घटकर 5.1 प्रतिशत रह गई, जो जून में 5.5 प्रतिशत थी। सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) के मुताबिक, पिछले महीने ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर पांच प्रतिशत से घटकर 4.5 प्रतिशत रह गई, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह जून के 6.6 प्रतिशत से मामूली बढ़कर 6.7 प्रतिशत हो गई।

जुलाई 2025 की तुलना में कुल और ग्रामीण बेरोजगारी दर में बहुत बदलाव नहीं हुआ है। वहीं, शहरी बेरोजगारी दर एक साल पहले के 7.2 प्रतिशत से घटकर 6.7 प्रतिशत रह गई।

आंकड़ों के मुताबिक, 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के पुरुषों में कुल बेरोजगारी दर जून के 5.3 प्रतिशत से घटकर जुलाई में पांच प्रतिशत रह गई। जुलाई, 2025 के मुकाबले इसमें 0.3 प्रतिशत की गिरावट आई है।

ग्रामीण पुरुषों में बेरोजगारी दर 4.9 प्रतिशत से घटकर 4.6 प्रतिशत रही, जबकि शहरी पुरुषों में यह जून के स्तर के आसपास रही। हालांकि, जुलाई 2025 की तुलना में शहरी पुरुषों की बेरोजगारी दर 6.6 प्रतिशत से घटकर 5.9 प्रतिशत हो गई।

महिलाओं में कुल और ग्रामीण बेरोजगारी दर जुलाई में जून के मुकाबले घटी है, लेकिन दोनों एक साल पहले के स्तर से अधिक रहीं। शहरी महिलाओं में बेरोजगारी दर जून के 8.4 प्रतिशत से बढ़कर जुलाई में 8.8 प्रतिशत हो गई। जुलाई 2025 में यह 8.7 प्रतिशत थी।

अखिल भारतीय स्तर पर जुलाई के मासिक अनुमान 3,71,021 लोगों से जुटाई गई जानकारी पर आधारित हैं। जुलाई 2026 का मासिक बुलेटिन इस शृंखला का 16वां बुलेटिन है।

सर्वेक्षण के अनुसार, 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की कुल श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर) जून के 54.4 प्रतिशत से बढ़कर जुलाई में 55.4 प्रतिशत हो गई। ग्रामीण क्षेत्रों में यह 56.6 प्रतिशत से बढ़कर 58 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 50.1 प्रतिशत से मामूली बढ़कर 50.4 प्रतिशत रही।

एक साल पहले के समान माह के 54.9 प्रतिशत से बढ़कर कुल एलएफपीआर बढ़कर 55.4 प्रतिशत हो गई। ग्रामीण एलएफपीआर 56.9 प्रतिशत से बढ़कर 58 प्रतिशत रही, जबकि शहरी एलएफपीआर 50.7 प्रतिशत से मामूली घटकर 50.4 प्रतिशत हो गई।

महिलाओं की कुल श्रमबल भागीदारी दर जून के 32.7 प्रतिशत से बढ़कर जुलाई में 34.4 प्रतिशत हो गई। ग्रामीण महिलाओं की एलएफपीआर 36.6 प्रतिशत से बढ़कर 38.8 प्रतिशत और शहरी महिलाओं की 24.8 प्रतिशत से बढ़कर 25.3 प्रतिशत रही। जुलाई 2025 की तुलना में कुल महिला एलएफपीआर 33.3 प्रतिशत से बढ़कर 34.4 प्रतिशत हो गई।

सर्वेक्षण में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों का कामकाजी जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) भी जुलाई में बढ़ा। कुल डब्ल्यूपीआर जून के 51.4 प्रतिशत से बढ़कर 52.5 प्रतिशत हो गया। ग्रामीण क्षेत्रों में यह 53.8 प्रतिशत से बढ़कर 55.4 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 46.8 प्रतिशत से मामूली बढ़कर 47 प्रतिशत हो गया।

ग्रामीण महिलाओं का डब्ल्यूपीआर जून के 34.7 प्रतिशत से बढ़कर जुलाई में 37.2 प्रतिशत हो गया, जबकि शहरी महिलाओं में यह 22.7 प्रतिशत से बढ़कर 23.1 प्रतिशत रहा। जुलाई 2025 की तुलना में कुल डब्ल्यूपीआर 52 प्रतिशत से बढ़कर 52.5 प्रतिशत हो गया।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण


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