केंद्रीय बजट: राष्ट्रीय गंतव्य डिजिटल ज्ञान ग्रिड बनाया जाएगा

केंद्रीय बजट: राष्ट्रीय गंतव्य डिजिटल ज्ञान ग्रिड बनाया जाएगा

केंद्रीय बजट: राष्ट्रीय गंतव्य डिजिटल ज्ञान ग्रिड बनाया जाएगा
Modified Date: February 1, 2026 / 12:41 pm IST
Published Date: February 1, 2026 12:41 pm IST

नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को देश भर में सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व के स्थानों समेत सभी अहम जगहों के बारे में जानकारी को डिजिटल स्वरूप प्रदान करने के लिए एक ‘राष्ट्रीय गंतव्य डिजिटल ज्ञान ग्रिड’ बनाने का प्रस्ताव रखा।

सीतारमण ने लोकसभा में आगामी वित्त वर्ष के लिए केंद्रीय बजट पेश करते हुए हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर में ‘पारिस्थितिकीय तौर पर टिकाऊ’ पर्वतीय मार्गों को विकसित करने और एक ‘राष्ट्रीय आतिथ्य-सत्कार संस्थान’ (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी) बनाने का भी प्रस्ताव रखा।

उन्होंने कहा, ‘‘रोजगार पैदा करने, विदेशी मुद्रा विनिमय से कमाई करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में पर्यटन क्षेत्र की बड़ी भूमिका है। मैं मौजूदा राष्ट्रीय होटल प्रबंधन एवं कैटरिंग टेक्नोलॉजी परिषद के उन्नयन के लिए एक राष्ट्रीय आतिथ्य-सत्कार संस्थान बनाने का प्रस्ताव रखती हूं।’’

वित्त मंत्री ने कहा कि यह शिक्षा क्षेत्र, उद्योग और सरकार के बीच सेतु की तरह काम करेगा।

सीतारमण ने बजट भाषण में लोथल, धौलावीरा, राखीगढ़ी, सारनाथ, हस्तिनापुर, लेह पैलेस समेत पुरातात्विक महत्व के 15 स्थलों का विकास ‘जीवंत अनुभव वाले सांस्कृतिक गंतव्यों’ के रूप में करने का भी प्रस्ताव रखा।

उन्होंने एक भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) के साथ मिलकर हाइब्रिड मोड में उच्च गुणवत्ता वाले 12 सप्ताह के मानकीकृत प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से ‘‘20 प्रतिष्ठित पर्यटन स्थलों पर 10,000 गाइड का कौशल बढ़ाने के लिए एक पायलट योजना’’ का भी प्रस्ताव रखा।

उन्होंने कहा कि सरकार पांच ‘पूर्वोदय’ राज्यों में पांच पर्यटन गंतव्य बनाएगी और 4,000 ई-बसों के लिए प्रावधान करेगी।

भाषा

वैभव हक

हक


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