अमेरिकी शुल्क से वैश्विक व्यापार प्रवाह में बदलाव आएगा: सेल चेयरमैन

Ads

अमेरिकी शुल्क से वैश्विक व्यापार प्रवाह में बदलाव आएगा: सेल चेयरमैन

  •  
  • Publish Date - April 2, 2025 / 04:58 PM IST,
    Updated On - April 2, 2025 / 04:58 PM IST

नयी दिल्ली, दो अप्रैल (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की इस्पात कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लि. (सेल) के चेयरमैन अमरेंदु प्रकाश ने कहा है कि अमेरिका के ऊंचे शुल्क से वैश्विक ‘व्यापार प्रवाह’ में बदलाव आ सकता है। उन्होंने कहा कि इससे इस्पात आयात को लेकर भारत की स्थिति कमजोर पड़ सकती है।

डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने अमेरिका में सभी इस्पात और एल्युमीनियम आयात पर 25 प्रतिशत शुल्क लगाने का प्रस्ताव किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने दो अप्रैल से भारत और अन्य व्यापारिक भागीदार देशों पर जवाबी शुल्क लगाने की घोषणा की है।

प्रकाश ने बुधवार को यहां 11वें एशियाई खनन कांग्रेस के आयोजन के बारे में जानकारी देने से संबंधित कार्यक्रम में कहा अमेरिकी शुल्क का भारत के इस्पात निर्यात पर बहुत अधिक प्रभाव नहीं पड़ेगा, क्योंकि भारत बड़ी मात्रा में इस्पात का निर्यात नहीं करता है।

प्रकाश ने कहा, ‘‘यह बड़ी चुनौती नहीं है। महत्वपूर्ण इस्पात या कलपुर्जों की क्षमता रातोंरात खड़ी नहीं की जा सकती। ऐसे में दाम बढ़ेंगे, लेकिन अमेरिका ऐसे उत्पादों का आयात करता रहेगा, जिनका वह उत्पादन नहीं करता है। इस तरह के उत्पादों के लिए विनिर्माण इकाई लगाने में समय लगता है।’’

देश में सस्ते आयात पर अंकुश लगाने के बारे में प्रकाश ने कहा कि रक्षोपाय शुल्क (सेफगार्ड ड्यूटी) घरेलू इस्पात उद्योग के लिए जरूरी है।

वाणिज्य मंत्रालय की जांच इकाई व्यापार उपचार महानिदेशालय (डीजीटीआर) ने पिछले महीने कुछ इस्पात उत्पादों पर शुरुआती आधार पर 200 दिन के लिए 12 प्रतिशत का रक्षोपाय शुल्क लगाने की सिफारिश की है। इसका मकसद घरेलू उत्पादकों की बढ़त आयात से रक्षा करना है।

इस शुल्क को लगाने के बारे में अंतिम फैसला वित्त मंत्रालय करेगा।

भाषा अजय अजय रमण

रमण