अमेरिका धारा 301 जांच के तहत भारत समेत 60 व्यापार साझेदारों पर जल्द करेगा कार्रवाईः ग्रीर

अमेरिका धारा 301 जांच के तहत भारत समेत 60 व्यापार साझेदारों पर जल्द करेगा कार्रवाईः ग्रीर

अमेरिका धारा 301 जांच के तहत भारत समेत 60 व्यापार साझेदारों पर जल्द करेगा कार्रवाईः ग्रीर
Modified Date: July 22, 2026 / 10:31 pm IST
Published Date: July 22, 2026 10:31 pm IST

(सागर कुलकर्णी)

वाशिंगटन, 22 जुलाई (भाषा) अमेरिका ने बुधवार को कहा कि वह बंधुआ मजदूरी (फोर्स्ड लेबर) से जुड़े आयात के मुद्दे पर भारत समेत 60 प्रमुख व्यापारिक साझेदारों के खिलाफ ‘धारा 301’ जांच के तहत ‘अंतिम कार्रवाई उपाय’ जल्द जारी करेगा।

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जैमीसन ग्रीर ने सीनेट की वित्त समिति के समक्ष कहा कि अमेरिका ने अपने शीर्ष 60 व्यापारिक साझेदारों की जांच की, क्योंकि वे बंधुआ मजदूरी से तैयार उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध को अपनाने और उसे प्रभावी ढंग से लागू करने में नाकाम रहे हैं।

ग्रीर ने कहा, ‘‘यूएसटीआर ‘संभवत: कल’ यानी बृहस्पतिवार को इस मामले में धारा 301 जांच पर अंतिम कार्रवाई की घोषणा करेगा।’’

पिछले महीने यूएसटीआर कार्यालय ने इस मुद्दे से निपटने के लिए देशों द्वारा उठाए गए कदमों की मजबूती के आधार पर 10 प्रतिशत और 12.5 प्रतिशत तक अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव दिया था।

उन्होंने बताया कि प्रस्तावित कार्रवाई पर 1,600 से अधिक टिप्पणियां मिलीं और इस विषय पर सार्वजनिक सुनवाई भी आयोजित की गई, जिसमें 100 से अधिक गवाहों ने अपने विचार रखे।

इसके अलावा, अमेरिका एक दर्जन से अधिक देशों में संरचनात्मक अतिरिक्त उत्पादन क्षमता की भी जांच कर रहा है। हालांकि, इस जांच के प्रारंभिक निष्कर्ष अभी सामने नहीं आए हैं।

डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने ये दोनों जांच तब शुरू की थीं, जब अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने फरवरी में आपात शक्तियों के तहत लगाए गए ‘जवाबी शुल्क’ को अवैध करार दिया था। इसके बाद प्रशासन ने सभी देशों पर 10 प्रतिशत शुल्क लागू कर दिया था, जिसकी अवधि शुक्रवार को समाप्त हो रही है।

भारत ने अमेरिकी सरकार की इन जांचों का विरोध करते हुए कहा है कि ऐसे मुद्दों पर द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत चर्चा की जा सकती है, जिस पर दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है।

अमेरिका भारत का दूसरा सबसे बड़ा व्यापार साझेदार और निर्यात का प्रमुख गंतव्य है। वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच वस्तु व्यापार लगभग 141 अरब डॉलर रहा, जिसमें भारत का निर्यात 87.3 अरब डॉलर था।

सुनवाई के दौरान एक अमेरिकी सीनेटर ने भारत में अमेरिकी सोडा ऐश उत्पादकों को बाजार पहुंच से जुड़ी चिंताओं का मुद्दा भी उठाया। इस पर ग्रीर ने कहा कि वह इस विषय को भारतीय अधिकारियों के साथ उठाएंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि अमेरिकी उत्पादकों के साथ निष्पक्ष व्यवहार हो।

भारत ने 16 मार्च, 2026 को सोडा ऐश के आयात पर डंपिंग-रोधी जांच शुरू की थी।

भाषा प्रेम प्रेम अजय

अजय


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