वेदांता कारोबार विभाजन से अधिकतम मूल्य जुटाने के नए दौर मेंः चेयरमैन अनिल अग्रवाल

वेदांता कारोबार विभाजन से अधिकतम मूल्य जुटाने के नए दौर मेंः चेयरमैन अनिल अग्रवाल

वेदांता कारोबार विभाजन से अधिकतम मूल्य जुटाने के नए दौर मेंः चेयरमैन अनिल अग्रवाल
Modified Date: May 5, 2026 / 09:58 pm IST
Published Date: May 5, 2026 9:58 pm IST

नयी दिल्ली, पांच मई (भाषा) उद्योगपति अनिल अग्रवाल ने कहा है कि वेदांता लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड वित्तीय प्रदर्शन किया है और अब कंपनी कारोबार विभाजन के जरिए अधिकतम मूल्य हासिल करने के नए चरण में प्रवेश कर रही है।

अग्रवाल ने शेयरधारकों को लिखे पत्र में कहा कि पिछले वित्त वर्ष में वेदांता ने 25,096 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड शुद्ध लाभ दर्ज किया जबकि राजस्व 1,74,075 करोड़ रुपये रहा। यह प्रदर्शन विभिन्न कारोबारों में परिचालन सुधार से संभव हो पाया।

कंपनी ने शेयरधारकों को प्रति शेयर 34 रुपये का लाभांश दिया, जबकि कुल शेयरधारक प्रतिफल करीब 50 प्रतिशत रहा।

वेदांता चेयरमैन ने कहा कि कंपनी का बहीखाता भी मजबूत हुआ है और शुद्ध कर्ज एवं कर-पूर्व आय (ईबीआईटीडीए) का अनुपात घटकर 0.95 गुना रह गया है जिससे वित्तीय मजबूती बढ़ी है।

अग्रवाल ने बताया कि कंपनी के विभिन्न कारोबारों को अलग सूचीबद्ध इकाइयों के रूप में विभाजित करने की योजना एक मई से प्रभावी हो गई है जिसके तहत सभी इकाइयों की अपनी स्वतंत्र विकास रणनीति और पूंजी आवंटन होगा। इसका मकसद वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी और स्पष्ट रणनीतिक फोकस वाली कंपनियां बनाना है।

अग्रवाल ने शेयरधारकों को दिए संदेश में कहा, “आपकी कंपनी वेदांता एक नए और महत्वपूर्ण दौर में प्रवेश कर रही है, जहां मजबूत प्रदर्शन के साथ बड़े बदलाव भी हो रहे हैं। आगे की वृद्धि और मूल्य सृजन के अगले चरण के लिए मंच तैयार है।”

कारोबार विभाजन के बाद वेदांता एल्युमिनियम अपनी क्षमता दोगुनी कर 60 लाख टन प्रतिवर्ष करने का लक्ष्य रखेगी। वहीं, तेल एवं गैस कारोबार उत्पादन बढ़ाकर प्रतिदिन तीन लाख से पांच लाख बैरल करने के लिए पांच अरब डॉलर का निवेश करेगा।

वेदांता पावर अपनी क्षमता 4.2 गीगावाट से बढ़ाकर 12 गीगावाट तक ले जाने की योजना बना रही है और जलविद्युत एवं परमाणु ऊर्जा क्षेत्रों में भी संभावनाएं तलाशेगी।

वहीं, लौह एंड इस्पात कारोबार 40 लाख टन से बढ़ाकर एक करोड़ टन क्षमता तक पहुंचाने का लक्ष्य रखेगा।

अग्रवाल ने कहा कि मूल कंपनी हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड सहित जिंक, तांबा, निकल और फेरो एलॉय जैसे प्रमुख कारोबारों में अपनी हिस्सेदारी बनाए रखेगी।

कंपनी ने वित्त वर्ष के दौरान एल्युमिनियम, जिंक, तेल एवं गैस और उभरते क्षेत्रों में करीब 15,000 करोड़ रुपये का पूंजीगत निवेश किया।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण


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