क्षेत्रीय ग्राणीण बैंकों की परिचालन दक्षता बढ़ाने की व्यवहार्यता योजना 2.0 को मंजूरी

क्षेत्रीय ग्राणीण बैंकों की परिचालन दक्षता बढ़ाने की व्यवहार्यता योजना 2.0 को मंजूरी

क्षेत्रीय ग्राणीण बैंकों की परिचालन दक्षता बढ़ाने की व्यवहार्यता योजना 2.0 को मंजूरी
Modified Date: May 5, 2026 / 10:15 pm IST
Published Date: May 5, 2026 10:15 pm IST

नयी दिल्ली, पांच मई (भाषा) वित्त मंत्रालय ने क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों (आरआरबी) की वित्तीय स्थिति मजबूत करने और परिचालन दक्षता बढ़ाने के लिए मंगलवार को ‘व्यवहार्यता योजना 2.0’ को मंजूरी दी।

मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने उभरती चुनौतियों और निरंतर निगरानी की जरूरत को देखते हुए इस संशोधित योजना को वित्त वर्ष 2025-26 से 2027-28 तक तीन वर्षों के लिए लागू करने का निर्णय लिया है।

इससे पहले, मूल व्यवहार्यता योजना 2021-22 से लेकर 2024-25 तक की अवधि के लिए लागू की गई थी। इसका उद्देश्य प्रदर्शन की निगरानी को संस्थागत बनाना और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों में शासन सुधार को मजबूत करना था।

नई व्यवहार्यता योजना के तहत 30 प्रदर्शन मानदंड तय किए गए हैं जो चार प्रमुख स्तंभों- परिचालन उत्कृष्टता, परिसंपत्ति गुणवत्ता, लाभप्रदता और वृद्धि पर आधारित हैं। इनमें पूंजी पर्याप्तता अनुपात (सीआरएआर), ऋण-जमा अनुपात, डिजिटल अपनाने का स्तर, एनपीए, वसूली प्रदर्शन और लाभप्रदता से जुड़े संकेतक शामिल हैं।

मंत्रालय ने कहा कि यह योजना आरआरबी के समग्र स्वास्थ्य और दक्षता के आकलन एवं निगरानी के लिए एक संतुलित और व्यापक ढांचा प्रदान करेगी।

इस पहल से देश के सभी 28 क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों की वित्तीय स्थिरता मजबूत होगी और वे ग्रामीण ऋण विस्तार, डिजिटल समावेश तथा वित्तीय पहुंच से जुड़े राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप बने रहेंगे।

भाषा प्रेम

प्रेम रमण

रमण


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