चौथी औद्योगिक क्रांति के लिए डब्ल्यूईएफ खोलेगा पांच नए केंद्र, एक भारत में भी खुलेगा

चौथी औद्योगिक क्रांति के लिए डब्ल्यूईएफ खोलेगा पांच नए केंद्र, एक भारत में भी खुलेगा

चौथी औद्योगिक क्रांति के लिए डब्ल्यूईएफ खोलेगा पांच नए केंद्र, एक भारत में भी खुलेगा
Modified Date: January 23, 2026 / 03:46 pm IST
Published Date: January 23, 2026 3:46 pm IST

(बरुण झा)

दावोस, 23 जनवरी (भाषा) विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) ने चौथी औद्योगिक क्रांति के लिए पांच नए केंद्र स्थापित करने का फैसला किया है, जिनमें से एक भारत के आंध्र प्रदेश में होगा।

इसके साथ ही भारत में ऐसे केंद्रों की संख्या बढ़कर तीन हो जाएगी। इससे पहले मुंबई और तेलंगाना में दो केंद्र पहले से कार्यरत हैं।

चौथी औद्योगिक क्रांति नेटवर्क एक बहु-हितधारक मंच है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्रों को साथ लाकर यह सुनिश्चित करना है कि उभरती प्रौद्योगिकियों के विकास एवं उपयोग से समाज को अधिकतम लाभ हो और जोखिमों को न्यूनतम रखा जा सके।

वर्ष 2017 में डब्ल्यूईएफ द्वारा शुरू किया गया यह नेटवर्क यूरोप, पश्चिम एशिया, एशिया और अमेरिका में स्थित स्वतंत्र राष्ट्रीय एवं विषयगत केंद्रों को एक साथ जोड़ता है, जो उन्नत और तेजी से विकसित हो रही प्रौद्योगिकियों के जिम्मेदार विकास और उपयोग को आगे बढ़ाने का काम करते हैं।

चौथी औद्योगिक क्रांति के लिए नए केंद्र आंध्र प्रदेश के अलावा फ्रांस, ब्रिटेन और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में स्थापित किए जाएंगे।

डब्ल्यूईएफ ने कहा कि हरेक केंद्र सरकारों और उद्योग जगत के साथ मिलकर व्यावहारिक नीतिगत ढांचे और पायलट परियोजनाओं पर काम करेगा, क्षेत्रीय प्राथमिकताओं का ध्यान रखेगा और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देगा।

इन केंद्रों के प्रमुख फोकस क्षेत्रों में कृत्रिम मेधा (एआई) नवाचार, ऊर्जा बदलाव, साइबर सुरक्षा और अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियां शामिल होंगी। ये केंद्र क्षेत्रीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वैश्विक संवाद और सहयोग को भी आगे बढ़ाएंगे।

डब्ल्यूईएफ के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी बोर्गे ब्रेंडे ने कहा, ‘चौथी औद्योगिक क्रांति के लिए पांच नए केंद्रों की स्थापना सरकारों, उद्योगों और विशेषज्ञों को साझा तकनीकी चुनौतियों पर एक साथ लाने के महत्व को दर्शाती है।’

ब्रेंडे ने कहा कि स्थानीय और क्षेत्रीय अनुभवों के योगदान से साझेदार देश उभरती प्रौद्योगिकियों के जिम्मेदार विकास के लिए वैश्विक प्रयासों को मजबूत करेंगे।

आंध्र प्रदेश सरकार के साथ साझेदारी में स्थापित किया जा रहा ‘ऊर्जा एवं साइबर लचीलापन केंद्र’ ऊर्जा बदलाव के लिए नवाचार-आधारित समाधानों को बढ़ावा देगा और विभिन्न उद्योगों में साइबर सुरक्षा को सुदृढ़ करेगा।

डब्ल्यूईएफ ने कहा कि यह केंद्र पायलट परियोजनाओं, परामर्श और ज्ञान साझा कर हरित ऊर्जा प्रणालियों, साइबर सुरक्षा रणनीतियों और कार्यबल विकास से जुड़े समाधान विकसित करेगा।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि डब्ल्यूईएफ के साथ यह साझेदारी ऊर्जा सुरक्षा, साइबर लचीलापन, भरोसेमंद डिजिटल प्रणालियों और बड़े पैमाने पर प्रतिभा निर्माण जैसे अहम क्षेत्रों में क्षमता निर्माण की राज्य की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

फिलहाल डब्ल्यूईएफ के इस नेटवर्क में अजरबैजान, कोलंबिया, जर्मनी, कोरिया, इज़राइल, मलेशिया, ओमान, कतर, रवांडा, सऊदी अरब, सर्बिया, दक्षिण अफ्रीका, अमेरिका, यूक्रेन और वियतनाम सहित कई देशों के केंद्र शामिल हैं।

भाषा प्रेम प्रेम रमण

रमण


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