पश्चिम एशिया संघर्ष ‘नए उपनिवेशवाद’ की वापसी का संकेत: उदय कोटक

पश्चिम एशिया संघर्ष 'नए उपनिवेशवाद' की वापसी का संकेत: उदय कोटक

पश्चिम एशिया संघर्ष ‘नए उपनिवेशवाद’ की वापसी का संकेत: उदय कोटक
Modified Date: April 7, 2026 / 07:01 pm IST
Published Date: April 7, 2026 7:01 pm IST

मुंबई, सात अप्रैल (भाषा) ईरान पर अमेरिका-इजराइल के हमले से भड़का पश्चिम एशिया संकट दुनिया में ‘उपनिवेशवाद’ की वापसी का संकेत है। दिग्गज बैंकर और कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक उदय कोटक ने मंगलवार को वैश्विक घटनाक्रमों का हवाला देते हुए यह बात कही।

कोटक ने मुंबई में उद्योग मंडल फिक्की द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर हम एक ऐसे मोड़ पर खड़े हैं, जिसे वह ‘वैश्विक उपनिवेशवाद की वापसी’ मानते हैं।

उन्होंने याद दिलाया कि फिक्की ने 1927 से 1947 तक इसी तरह की स्थिति के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी और 2026 में हम फिर से वैसे ही मुकाम पर हैं।

कोटक ने स्पष्ट किया कि उनकी यह टिप्पणी राजनीतिक नहीं, बल्कि वैश्विक घटनाक्रमों और सार्वजनिक चर्चाओं पर आधारित है।

उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्हाइट हाउस में दिए गए भाषण का हवाला देते हुए कहा, ‘‘मैं राजनीति में नहीं पड़ रहा हूं, बस तथ्यों को दोहरा रहा हूं। यह स्पष्ट है कि दुनिया एक ऐसे दौर में प्रवेश कर रही है जहां आर्थिक और रणनीतिक नियंत्रण वैश्विक शक्ति की दिशा तय करेगा।’’

घरेलू अर्थव्यवस्था पर चर्चा करते हुए कोटक ने कहा कि भारत को अपनी आर्थिक मजबूती के लिए ‘मध्यम विनिर्माण’ क्षेत्र को सशक्त बनाने को प्राथमिकता देनी चाहिए। इसमें वे कंपनियां शामिल हैं जो परियोजनाओं में 100 करोड़ रुपये से 1,000 करोड़ रुपये तक का निवेश करती हैं।

भाषा सुमित अजय

अजय


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