भूटान की बिजली परियोजना के लिए विश्व बैंक देगा 51.5 करोड़ डॉलर, टाटा पावर कर रही विकास
भूटान की बिजली परियोजना के लिए विश्व बैंक देगा 51.5 करोड़ डॉलर, टाटा पावर कर रही विकास
थिम्पू/ नयी दिल्ली, पांच मई (भाषा) भूटान ने दोरजीलुंग हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट लिमिटेड (डीएचपीएल) के विकास के लिए मंगलवार को विश्व बैंक के साथ 51.5 करोड़ डॉलर के वित्तपोषण समझौते पर हस्ताक्षर किए।
इस परियोजना का विकास टाटा पावर और ड्रक ग्रीन पावर कॉरपोरेशन कर रही हैं। डीएचपीएल में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी भूटान की ड्रक ग्रीन पावर के पास है जबकि 40 प्रतिशत हिस्सेदारी टाटा पावर के पास है।
यह भूटान में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल पर आधारित सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना होगी। इसकी क्षमता 1125 मेगावाट की है।
पूर्वी भूटान में कुरिचू नदी पर स्थित यह परियोजना सर्दियों के दौरान भूटान के मौसमी ऊर्जा घाटे को कम करेगी और गर्मी एवं वर्षा ऋतु में अतिरिक्त बिजली भारत को निर्यात की जाएगी।
परियोजना से प्रतिवर्ष करीब 4,500 गीगावाट घंटा का स्वच्छ बिजली उत्पादन होगा, जिसमें से लगभग 80 प्रतिशत आपूर्ति भारत को की जाएगी।
टाटा पावर के मुख्य कार्यपालक अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक प्रवीर सिन्हा ने एक बयान में कहा कि यह परियोजना क्षेत्रीय ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करेगी और भारत-भूटान के बीच स्वच्छ ऊर्जा सहयोग को मजबूत करेगी।
बयान के अनुसार, यह परियोजना भूटान के कुल ऊर्जा उत्पादन का लगभग एक-तिहाई हिस्सा होगी, सस्ती बिजली की उपलब्धता के जरिए आर्थिक वृद्धि को गति देगी और रोजगार सृजन में मदद करेगी।
विश्व बैंक के उपाध्यक्ष (दक्षिण एशिया क्षेत्र) योहानेस जुट ने कहा कि यह परियोजना न केवल सस्ती एवं विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराएगी, बल्कि ऊर्जा आयात लागत घटाने, निर्यात राजस्व बढ़ाने और कार्बन उत्सर्जन में कटौती में भी मददगार होगी।
भाषा प्रेम प्रेम रमण
रमण

Facebook


