Publish Date - January 6, 2026 / 01:32 PM IST,
Updated On - January 6, 2026 / 03:59 PM IST
TS Singhdeo on Bhupesh Baghel: भूपेश बघेल से संबंधों को लेकर खुलकर बोले टीएस सिंहदेव, सत्ता में बाहर जाने के दो साल बाद किया सनसनीखेज खुलासा / IBC24 Customized
HIGHLIGHTS
भूपेश बघेल से संबंधों को लेकर खुलकर बोले टीएस सिंहदेव
दो साल बाद किया सनसनीखेज खुलासा
भूपेश बघेल के कार्यक्रम में नहीं पहुंचे थे टीएस सिंहदेव
अम्बिकापुर:TS Singhdeo on Bhupesh Baghel छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद बीते दिनों पहली बार सरगुजा का दौरा किया। लेकिन भूपेश दौरे के बाद से यहां की राजनीति गरमा गई है। कहा जा रहा है कि टीएस सिंहदेव के करीबी नेता और कार्यकर्ता अब निशाने पर आ गए हैं। स्थिति तब सामने आई, जब पूर्व उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के समर्थकों ने ऐसे कांग्रेसजनों को एक व्हाट्सएप ग्रुप से बाहर कर दिया। वहीं, अब टीएस सिंहदेव भूपेश बघेल के कार्यक्रम में नहीं जाने और भूपेश बघेल और अपने रिश्ते को लेकर IBC24 खुलकर बात की है।
TS Singhdeo on Bhupesh Baghel सिंहदेव को नहीं मिली भूपेश बघेल के कार्यक्रम की जानकारी
टीएस सिंहदेव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि भूपेश बघेल के कार्यक्रम के दौरान मैं व्यक्तिगत कारणों से बाहर था, जिसके चलते मैं कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाया।
पहले हर बार भूपेश बघेल के कार्यक्रम की सूचना मिलती थी, लेकिन इस बार सूचना नहीं मिली थी। दोनों के रिश्ते को लेकर उन्होंने कहा कि कोई ऐसी वैसी बात नहीं है, राजनीतिक जोड़ घटाव है वो तो चलता रहता है।
क्या अभी भी है दोनों के बीच मलाल?
टीएस सिंहदेव ने राजनीति में भूपेश बघेल और अपने कॉम्पिटिशन को लेकर कहा कि कोई कॉम्पटीटर जैसी बात नही हैं। जो बातें पहले सामने आई थी वो अब खत्म हो गई है।
उन्हें काम करने का मौका मिला और मुझे मौका मिल सकता है। दोनों के रिश्तों में खटास की जो बातें थी उसने कांग्रेस को नुकसान तो पहुंचाया है, लेकिन अब ये स्थिति दोबारा नहीं आएगी।
कांग्रेस की हार की असली वजह क्या थी?
उन्होंने कांग्रेस की हार पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भूपेश-सिंहदेव के रिश्तों में खटास कांग्रेस की हार की असली वजह नहीं है, ये मामला तो हार में सिर्फ 5 प्रतिशत का था।
भूपेश बघेल के साथ पहले भी काम करते थे और आगे भी करते रहेंगे। छत्तीसगढ़ में कोई सिंगल लीडर नहीं है, सामूहिक लीडरशिप की बात होगी।
मैं ही कप्तान रहूंगा तभी खेलूंगा ऐसी बात नहीं है। 2018 में भी सामूहिक लीडरशिप से ही सफलता मिली थी और आगे भी सामूहिक लीडरशिप की बात होगी।
चैतन्य बघेल की राजनीति में होगी एंट्री?
बता दें कि टीएस सिंहदेव ने हाल ही में चैतन्य बघेल की राजनीति में एंट्री को लेकर कहा था कि राजनीतिक के दरवाजे सभी के लिए खुले हुए हैं। अगर आप बड़े नेता से जुड़े हुए हैं उनके पुत्र हो रिश्तेदार हो तो आपको मौका मिल सकता है, लेकिन जनता की स्वीकारोक्ति होना चाहिए। वहीं, उन्हों ने आगे कहा कि कानून के प्रावधानों का दुरुपयोग करके हमारे नेताओं को जेल के अंदर भेजा गया है अब तक उन पर आरोप सिद्ध नहीं हुआ है। ऐसे में ये इस बात का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता कि जनता चैतन्य बघेल को स्वीकारेगी या नहीं।
टीएस सिंहदेव भूपेश बघेल के सरगुजा कार्यक्रम में शामिल क्यों नहीं हुए?
सिंहदेव ने बताया कि वह व्यक्तिगत कारणों से शहर से बाहर थे। साथ ही, उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस बार उन्हें कार्यक्रम की सूचना नहीं दी गई थी।
क्या भूपेश और सिंहदेव के बीच प्रतिद्वंद्विता (Competition) अभी भी जारी है?
सिंहदेव के अनुसार, कॉम्पिटिशन जैसी कोई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि जो पुरानी बातें थीं, वे अब खत्म हो चुकी हैं और वे आगे भी मिलकर काम करेंगे।
सिंहदेव ने कांग्रेस की हार की मुख्य वजह किसे माना है?
उन्होंने कहा कि उनके और भूपेश के बीच का विवाद हार का बहुत छोटा हिस्सा (5%) था। हार के अन्य बड़े रणनीतिक कारण थे, जिन पर पार्टी आत्ममंथन कर रही है।
सरगुजा में 'व्हाट्सएप ग्रुप' विवाद क्या है?
भूपेश बघेल के दौरे के बाद टीएस सिंहदेव के कट्टर समर्थकों ने कथित तौर पर उन नेताओं को ग्रुप से बाहर कर दिया जो सिंहदेव के प्रति निष्ठावान नहीं माने जा रहे थे।
क्या छत्तीसगढ़ कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की संभावना है?
सिंहदेव ने 'सामूहिक लीडरशिप' पर जोर दिया है, जिसका अर्थ है कि आने वाले समय में पार्टी किसी एक चेहरे के बजाय बड़े नेताओं की टीम के साथ मैदान में उतरेगी।