US-Israel Iran War News/Image Credit: IBC24.in
US-Israel Iran War News: नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सक्रियता बढ़ा दी है। पीएम मोदी ने कई देशों के नेताओं से बातचीत की है। पीएम मोदी ने यह बातचीत इसलिए की ताकि शांति बहाल हो सके और भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित हो। बताया जा रहा है कि, पीएम मोदी ने पिछले (US-Israel Iran War News) 48 घंटों में कई खाड़ी देशों के नेताओं से फोन पर बात की।
पीएम मोदी ने UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात कर हमलों की निंदा की और पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय की देखभाल के लिए धन्यवाद दिया। इसी तरह, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, बहरीन के किंग हमाद बिन ईसा अल खलीफा और जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय से चर्चा में हमलों की निंदा की और क्षेत्रीय शांति पर जोर दिया।
पीएम नरेंद्र मोदी ने पिछले 48 घंटों में UAE, इजरायल, सऊदी अरब, जॉर्डन, बहरीन, ओमान, कुवैत और कतर के नेताओं से बात की है। भारत ने इन देशों की संप्रभुता का सम्मान करते हुए एकजुटता जताई और बातचीत के जरिए शांति बहाली की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही पीएम मोदी ने इन नेताओं से भारतीय प्रवासियों की सुरक्षा पर भी चर्चा की, ऐसा इसलिए क्योंकि, खाड़ी में लगभग एक करोड़ भारतीय रहते हैं। पीएम मोदी द्वारा अन्य देशों के नेताओं के साथ चर्चा करते हुए क्षेत्रीय स्थिरता के लिए कूटनीतिक प्रयासों पर सहमति बनाई। (US-Israel Iran War News) उन्होंने भारतीय समुदाय की सुरक्षा के लिए इन देशों के समर्थन की सराहना की।
Israel Iran War News: पीएम मोदी ने 8 देशों के नेताओं के साथ-साथ इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत में पीएम मोदी ने नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शत्रुता समाप्त करने की जरूरत बताई। यह बातचीत भारत की तटस्थ और शांतिपूर्ण भूमिका को दर्शाती है, जहां भारत संघर्ष के पक्षकार नहीं है लेकिन क्षेत्रीय स्थिरता में रुचि रखता है। भारत की यह कूटनीतिक पहल मध्य-पूर्व में शांति बहाली और भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अहम है। मोदी सरकार ने विदेश मंत्री एस जयशंकर के माध्यम से भी विभिन्न देशों से संपर्क किया है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि, इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर 28 फरवरी को हमला किया था। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई सहित कई प्रमुख अधिकारी मारे गए। इस हमले का उद्देश्य ईरान की मिसाइल क्षमताओं को नष्ट करना, उसके नौसेना को समाप्त करना और परमाणु महत्वाकांक्षाओं को रोकना था। (US-Israel Iran War News) ईरान ने जवाबी कार्रवाई में इजरायल, अमेरिकी ठिकानों और खाड़ी देशों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ गई। इस संघर्ष में अब तक सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और अमेरिका ने अपने दूतावास बंद कर दिए हैं।
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