Bilaspur Forest Department Scam: छत्तीसगढ़ में लाखों का गोबर खाद घोटाला, सच सामने आते ही नप गए ये अधिकारी, जानिए कैसे चलता था फर्जीवाड़े का खेल

Bilaspur Forest Department Scam: ​बिलासपुर वृत्त के मुख्य वन संरक्षक ने सहायक ग्रेड-2 और कैंपा शाखा प्रभारी भूपेंद्र कुमार साहू को वित्तीय अनियमितता और कूट रचित दस्तावेजों के सहारे लाखों गबन करने के आरोप में निलंबित कर दिया है।

Bilaspur Forest Department Scam: छत्तीसगढ़ में लाखों का गोबर खाद घोटाला, सच सामने आते ही नप गए ये अधिकारी, जानिए कैसे चलता था फर्जीवाड़े का खेल

Bilaspur Forest Department Scam

Modified Date: May 24, 2026 / 05:45 pm IST
Published Date: May 24, 2026 4:46 pm IST
HIGHLIGHTS
  • गोबर खाद खरीदी में 14.77 लाख रुपये के फर्जीवाड़े का आरोप
  • कैंपा शाखा प्रभारी भूपेंद्र साहू तत्काल प्रभाव से निलंबित
  • नरवा विकास और ग्रीन क्रेडिट योजनाओं की जांच भी तेज

Bilaspur Forest Department Scam: ​वन विभाग में वित्तीय हेराफेरी के बड़े मामले में बिलासपुर वृत्त के मुख्य वन संरक्षक (CCF) मनोज कुमार पाण्डेय ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने सहायक ग्रेड-2 और कैंपा (CAMPA) शाखा प्रभारी भूपेंद्र कुमार साहू को वित्तीय अनियमितता और कूट रचित दस्तावेजों के सहारे लाखों गबन करने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। ​यह पूरी कार्रवाई प्रधान मुख्य वन संरक्षक की जांच रिपोर्ट के बाद की गई है। जांच में सामने आया कि वर्ष 2022 में वृक्षारोपण कार्य के लिए की गई गोबर खाद खरीदी में व्यापक फर्जीवाड़ा हुआ था।

 

 कैसे चलता था फर्जीवाड़े का खेल?

Bilaspur Forest Department Scam आरोपी कर्मचारी ने फर्जी प्रमाण-पत्रों और कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर 14.77 लाख रुपये का अवैध लेखा समायोजन किया था। इसके अलावा समिति सचिवों पर अनैतिक दबाव बनाकर शासकीय राशि आहरित करने की शिकायत भी सच पाई गई। ​आदेश के मुताबिक, भूपेंद्र साहू ने वरिष्ठ अधिकारियों को अंधेरे में रखकर गलत तरीके से एल.ओ.सी. तैयार करवाई और जांच के दौरान भी गुमराह करने वाले बयान दिए। विभाग ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन और घोर वित्तीय कदाचार मानते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया है।

Bilaspur Forest Department Scam निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय बिलासपुर तय किया गया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, आरोपी के खिलाफ नरवा विकास और ग्रीन क्रेडिट जैसी अन्य योजनाओं में भी गड़बड़ी की शिकायतें हैं, जिनकी जांच तेज कर दी गई है।

 

 

 

 

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लेखक के बारे में

सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.