बीसीसीआई और विदेशी बोर्ड को आईपीएल में खिलाड़ियों की उपलब्धता पर सहमति बनानी होगी: बर्मन
बीसीसीआई और विदेशी बोर्ड को आईपीएल में खिलाड़ियों की उपलब्धता पर सहमति बनानी होगी: बर्मन
(भरत शर्मा)
नयी दिल्ली, 24 मई (भाषा) पंजाब किंग्स के सह मालिक मोहित बर्मन ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में विदेशी खिलाड़ियों की उपलब्धता को संवेदनशील मुद्दा करार देते हुए कहा कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई), विदेशी बोर्ड और अन्य हितधारक यह सुनिश्चित करने के लिए बेहतर प्रयास कर सकते हैं कि दूसरे देशों के खिलाड़ी दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग की पूरी अवधि के दौरान उपलब्ध रहें।
बीसीसीआई ने उन विदेशी खिलाड़ियों पर दो साल का प्रतिबंध लगा रखा है जो नीलामी में खरीदे जाने के बाद आईपीएल से नाम वापस लेते हैं। बोर्ड ने हालांकि चोटिल खिलाड़ियों के मामले में छूट दी है।
इसके बावजूद विदेशी खिलाड़ियों विशेषकर स्टार खिलाड़ियों की उपलब्धता एक समस्या बनी हुई है। उदाहरण के लिए मिचेल स्टार्क को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने टूर्नामेंट के दूसरे चरण में खेलने की अनुमति दी और तब तक दिल्ली कैपिटल्स की टीम प्लेऑफ की दौड़ से लगभग बाहर हो चुकी थी।
ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस और उनके साथी तेज गेंदबाज जोश हेज़लवुड भी चोटिल होने के कारण टूर्नामेंट के पहले दिन से ही अपनी-अपनी आईपीएल टीम के लिए उपलब्ध नहीं थे।
बर्मन ने पीटीआई से कहा, ‘‘यह संवेदनशील मुद्दा है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का कार्यक्रम काफी व्यस्त है और खिलाड़ियों की अपने राष्ट्रीय बोर्ड के प्रति भी प्रतिबद्धताएं होती हैं। लेकिन जब भी किसी खिलाड़ी को फ्रेंचाइजी टीम में चुना जाता है तो उसकी उपलब्धता को लेकर स्पष्टता होनी चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जब प्रमुख खिलाड़ी नीलामी में चुने जाने के बावजूद टूर्नामेंट के महत्वपूर्ण हिस्सों के लिए उपलब्ध नहीं रहते हैं तो टीम के लिए अपनी रणनीति तैयार करना मुश्किल हो जाता है।’’
पंजाब फ्रेंचाइजी में 48 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले बर्मन ने कहा, ‘‘प्रशंसक सत्र की शुरुआत से ही प्रमुख खिलाड़ियों को खेलते देखना चाहते हैं। टकराव के बजाय सहयोग से ही समाधान निकलना चाहिए। बीसीसीआई, फ्रेंचाइजी, खिलाड़ी और अंतरराष्ट्रीय बोर्ड को बेहतर तरीके से तैयारी करनी चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मेरे लिए आदर्श स्थिति यही होगी कि हमारे खिलाड़ी पहले दिन से ही उपलब्ध रहें लेकिन अगर क्रिकेट बोर्ड ने आपस में कुछ चीजें तय की हैं तो फिर हम कुछ खास नहीं कर सकते।’’
भाषा
पंत सुधीर
सुधीर

Facebook


