BOT Model Road In CG/Image Credit: IBC24
BOT Model Road In CG: रायपुर: छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड को इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट की जिम्मेदारी सौंपने के बाद प्रदेश में पहली बार बिल्ड, ऑपरेट और ट्रांसफर मॉडल पर सड़के बनाई जाएंगी। इसके लिए छत्तीसगढ़ हाउसिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड ने प्रदेश भर में सर्वे शुरू कर दिया है। बोर्ड का तर्क है कि उनका फोकस प्रदेश के हैवी इंडस्ट्रियल और माइनिंग एरिया पर है, वो सेक्टर्स जहां ट्रक और हाईवा जैसी हैवी व्हीकल्स चलते हैं। वहां अक्सर सडकें खस्ताहाल हो जाती हैं। ऐसी जगह BOT मॉडल से सड़के बनाई जाएंगी। CGHIDB ने तय किया है कि सबसे पहले अंडा से बालोद तक जाने वाली सड़क बनेगी। रूट पर मौजूदा रोड को चौड़ा कर 4-लेन बनाया जाएगा। चौड़ीकरण के लिए जमीन अधिग्रहण की जरूरत पड़ी तो ये काम भी CGHIDB करेगा। बोर्ड सड़क का एलाइनमेंट और एस्टीमेटशन भी करेगा, फिर काम किसी कंपनी को सौंपा जाएगा।
इधर, विपक्ष को ये मॉडल जरा भी रास नहीं आ रहा है। विपक्षी विधायकों का आरोप है कि अभी तक NH पर मनमाने टोल वसूले जाते रहे अब सरकार प्रदेश की सड़कों को भी बेच रही है। सरकार की नजर जल-जंगल-जमीन सबको बेचने पर है।
BOT Model Road In CG: सरकार का दावा है कि तेजी से सड़कों के कायाकल्प और मेंटेनेंस का ये सबसे बेहतर तरीका है, इस मॉडल में सड़क बनाने का खर्च राज्य सरकार पर नहीं आएगा, प्राइवेट कंपनी सड़क बनाएगी, उसका पूरा रखरखाव और ऑपरेशन देखेगी, बदले में गुजरने वाली 4 व्हीलर से टोल वसूला जाएगा, ऑपरेटर्स से टेंडर में शर्त होगी कि लागत निकलते ही कंपनी रोड राज्य सरकार को सौंप देगी। CGHIDB चाहे तो खुद भी फंड लगाकर या लोन लेकर सड़क बनाकर, खुद टोल वसूल सकता है, फिर किसी प्राइवेट संस्था को टोल वसूली का काम दे सकता है। सवाल ये कि क्या वाकई लोगों को बेहतर सड़कें मिल पाएगी और किस कीमत पर?
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