CG Dhan Kharidi Latest News: अब छत्तीसगढ़ में धान नहीं बेच सकेंगे ये लोग! संस्थागत किसानों को भी नहीं मिलेगी छूट, समिति प्रबंधकों को दिए गए ये अहम निर्देश

अब छत्तीसगढ़ में धान नहीं बेच सकेंगे ये लोग! संस्थागत किसानों को भी नहीं मिलेगी छूट, CG Dhan Kharidi Latest News: Durg Collector Order

CG Dhan Kharidi Latest News: अब छत्तीसगढ़ में धान नहीं बेच सकेंगे ये लोग! संस्थागत किसानों को भी नहीं मिलेगी छूट, समिति प्रबंधकों को दिए गए ये अहम निर्देश
Modified Date: September 1, 2026 / 10:03 pm IST
Published Date: September 1, 2026 10:01 pm IST

दुर्ग: CG Dhan Kharidi Latest News: दुर्ग जिले के कलेक्टर अभिजीत सिंह ने आज पीडब्ल्यूडी के सभाकक्ष में एग्रीस्टेक एवं बकेट क्लेम में किसानों के पंजीयन के संबंध में सभी अनुविभागीय अधिकारियों, कृषि विभाग, सहकारिता निरीक्षक, कृषि विस्तार अधिकारी, अधीक्षक भू-अभिलेख, सहायक अधीक्षक एवं सभी समिति प्रबंधकों की समीक्षा बैठक ली। कलेक्टर ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित किया जाए। सहखातेदार सभी का पंजीयन होना चाहिए। बकेट क्लेम में किसानों के पंजीयन लंबित है जिसके लिए कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। कलेक्टर सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिये हैं कि इस वर्ष धान बिक्री के लिए एकीकृत किसान पोर्टल पर पंजीयन एवं सह-खातेदारों का बकेट क्लेम (सहमति सत्यापन) अनिवार्य रहेगा। बकेट क्लेम जब किसी कृषि भूमि में एक से अधिक हिस्सेदारी दर्ज होते हैं, तो उसे संयुक्त खाता कहते है। प्रत्येक हिस्सेदार के नाम से बकेट आई डी बनता है, इस बकेट को एग्रीस्टेक में पंजीयन कराना ही बकेट क्लेम कहा जाता है।

विशेष शिविर लगाकर पूर्ण करने के निर्देश

CG Dhan Kharidi Latest News: कलेक्टर ने अधिकारियों एवं समिति प्रबंधकों को सख्त निर्देश दिये है कि बकेट क्लेम और किसानों के पंजीयन का कार्य समय-सीमा में पूरा करने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष शिविर आयोजित किए जाएं। इन शिविरों के माध्यम से स्थल पर ही सह खातेदारों का सत्यापन, ओटीपी आधारित सहमति और पंजीयन प्रक्रिया को पूर्ण करने को कहा।

संस्थागत छूट समाप्त, पंजीयन अनिवार्य

कलेक्टर ने कहा कि पिछले वर्षों में संस्थागत पंजीयन वाले किसानों को जो विशेष छूट दी गई थी, उसे इस वर्ष पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। अब संस्थागत सहित सभी श्रेणियों के किसानों का पोर्टल पर पंजीयन होना अनिवार्य है। जिन किसानों का पंजीयन नहीं होगा, वे धान बिक्री से वंचित रह जाएंगे। उन्होंने समिति प्रबंधकों एवं संबंधित अमले को सभी लंबित बकेट क्लेम का कार्य तत्काल पूर्ण करने के निर्देश दिए।

सह-खातेदारों का ओटीपी के माध्यम से सत्यापन

संयुक्त खाते की स्थिति में सभी सह-खातेदारों (जैसे भाई, बहन या अन्य हिस्सेदार) का बकेट क्लेम अनिवार्य किया गया है। यदि सह-खातेदार बाहर या दूसरे शहर में रहते हैं, तो उनका भौतिक रूप से उपस्थित होना आवश्यक नहीं है। समिति या केंद्र से उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजकर ऑनलाइन सहमति प्राप्त की जा सकती है। जब तक सभी सह-खातेदारों का सत्यापन पूर्ण नहीं होगा, तब तक धान खरीदी की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ेगी। जो किसान या संस्थागत खाताधारक इस वर्ष धान नहीं बेचना चाहते हैं, उनसे लिखित घोषणा पत्र लिया जाएगा। इसमें यह दर्ज रहेगा कि वे स्वेच्छा से पंजीयन नहीं करा रहे हैं और भविष्य में धान न बिकने पर समिति की कोई जिम्मेदारी नहीं होगी।

दस्तावेजों की जांच और नोटिस की तामीली

समिति प्रबंधकों को निर्देशित किया गया है कि लंबित बकेट क्लेम वाले किसानों को जारी नोटिस की विधिवत तामीली कराएं। तामीली रसीद पर अधिकृत व्यक्ति का नाम, पद, हस्ताक्षर और तिथि स्पष्ट रूप से दर्ज होनी चाहिए ताकि बाद में किसी प्रकार की शिकायत या विवाद की स्थिति न बने। किसान अपना पंजीयन और बकेट क्लेम निकटतम प्राथमिक कृषि साख समिति, तहसील कार्यालय या लोक सेवा केंद्र के माध्यम से करा सकते हैं। कलेक्टर ने किसानों से अपील की है कि समय पर अपना पंजीयन और सह-खातेदारों का सत्यापन पूर्ण कराएं ताकि धान खरीदी शुरू होने पर किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।


लेखक के बारे में

सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।