छत्तीसगढ़ : ईडी ने भारतमाला जमीन मुआवजा धोखाधड़ी मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया

छत्तीसगढ़ : ईडी ने भारतमाला जमीन मुआवजा धोखाधड़ी मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया

छत्तीसगढ़ : ईडी ने भारतमाला जमीन मुआवजा धोखाधड़ी मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया
Modified Date: June 5, 2026 / 12:18 am IST
Published Date: June 5, 2026 12:18 am IST

रायपुर, चार जून (भाषा) प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने छत्तीसगढ़ में भारतमाला राजमार्ग परियोजना से जुड़े कथित जमीन अधिग्रहण मुआवजा धोखाधड़ी के मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि ईडी ने बुधवार को रायपुर जिले के अभनपुर के निवासी जय प्रकाश गांधी को, भारतमाला राजमार्ग जमीन अधिग्रहण मुआवजा धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार कर लिया। गांधी को धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया है।

उन्होंने बताया कि ईडी ने छत्तीसगढ़ के भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो एसीबी/ आर्थिक अपराध शाखा द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की थी। यह प्राथमिकी भारतमाला परियोजना के तहत रायपुर-विशाखापत्तनम आर्थिक गलियारा परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन के मुआवजे के वितरण में बड़े पैमाने पर हुई अनियमितताओं और धोखाधड़ी से संबंधित थी।

अधिकारियों ने बताया कि ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि जय प्रकाश गांधी ने अपने परिवार के सदस्यों और कुछ सरकारी कर्मचारियों के साथ मिलकर, अधिसूचित राजमार्ग के सरेंखण के दायरे में आने वाली जमीन को अधिग्रहित किया और बाद में उसे पांच सौ वर्ग मीटर से कम के छोटे-छोटे भूखंडों में विभाजित कर दिया। आरोप है कि जमीन को छोटे भूखंडों में विभाजित करने का एकमात्र मकसद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से अधिक मुआवजा हासिल करना था।

उन्होंने बताया कि जांच में यह भी खुलासा हुआ कि धोखाधड़ी के इस तरीके को अपनाकर, आरोपी और उसके परिवार के सदस्यों ने लगभग 9.83 करोड़ रुपये का मुआवज़ा हासिल किया, जबकि उन्हें कानूनी तौर पर सिर्फ़ 56.76 लाख रुपये ही मिलने चाहिए थे। इस तरह उन्होंने लगभग 9.27 करोड़ रुपये की ‘अपराध से अर्जित संपत्ति’ जमा कर ली।

अधिकारियों ने बताया कि जांच में यह भी सामने आया कि इस ‘अपराध से अर्जित संपत्ति’ को बाद में शेयर, म्यूचुअल फंड और अन्य वित्तीय साधनों में निवेश करके छिपाया और खपाया गया।

अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले ईडी ने 28 अप्रैल को इस मामले में रायपुर, अभनपुर और धमतरी जिलों के अलग-अलग ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया था। इस दौरान, मुआवजे की धोखाधड़ी से संबंधित कई आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और अन्य सबूत बरामद कर जब्त किए गए थे।

उन्होंने बताया कि आरोपी को रायपुर की विशेष अदालत (पीएमएलए) के सामने पेश किया गया, जहां से उसे तीन दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में जांच अब भी जारी है, और इस साजिश में शामिल अन्य लाभार्थियों, बिचौलियों और सरकारी कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

भाषा संजीव धीरज

धीरज


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