छत्तीसगढ़ हुआ नक्सल-मुक्त, राज्य के लिए है यह ऐतिहासिक दिन: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़ हुआ नक्सल-मुक्त, राज्य के लिए है यह ऐतिहासिक दिन: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

छत्तीसगढ़ हुआ नक्सल-मुक्त, राज्य के लिए है यह ऐतिहासिक दिन: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
Modified Date: March 31, 2026 / 04:50 pm IST
Published Date: March 31, 2026 4:50 pm IST

(फाइल फोटो के साथ)

रायपुर, 31 मार्च (भाषा) छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंगलवार को कहा कि आखिरकार नक्सलवाद को खत्म किया जा रहा है तथा 31 मार्च की तारीख राज्य के लिए एक ऐतिहासिक दिन है।

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए साय ने आरोप लगाया कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान, पार्टी नेता राहुल गांधी ने कई जगहों पर नक्सलियों के साथ मंच साझा किया था।

साय ने यहां एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद संवाददाताओं से कहा, “आज 31 मार्च का दिन छत्तीसगढ़ के लिए बहुत ऐतिहासिक दिन है। आज छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद समाप्त हो रहा है। इसके लिए हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से बहुत-बहुत धन्यवाद। यह नक्सलवाद छत्तीसगढ़ के विकास में बहुत बड़ा बाधक था । केंद्रीय गृहमंत्री ने संकल्प लिया था कि 31 मार्च 2026 तक इसको समाप्त करना है और उनका संकल्प पूरा हुआ है। अब बस्तर क्षेत्र बहुत तेज़ी से विकास करेगा जो 40 वर्षों से विकास से अछूता था।”

अमित शाह के कल लोकसभा में दिए गए बयान के बारे में पूछे जाने पर कि जब राहुल गांधी ने अपनी यात्रा शुरू की, तो कई वामपंथी इसमें शामिल हो गए थे, साय ने कहा, ‘‘राहुल गांधी ने देश जोड़ो यात्रा निकाली थी लेकिन उस दौरान उन्होंने कई जगहों पर नक्सलियों के साथ मुलाकात की। कई जगह नक्सलियों ने उनके साथ मंच साझा किया। हिडमा जैसा दुर्दांत नक्सली ने जवानों समेत सैंकड़ों लोगों को मार डाला लेकिन जब उसका सफाया किया तब तब इंडिया गेट के पास ‘कितने हिडमा मारोगे, घर-घर में हिडमा पैदा होंगे’ जैसे नारे लगाये गये। उसको राहुल गांधी ने ट्वीट किया तो यह क्या प्रमाणित करता है। देश जानता है कि इसके पीछे राहुल गांधी का क्या आशय है।”

यह पूछे जाने पर कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल दावा करते थे कि झीरम घाटी घटना से जुड़े सबूत उनकी जेब में हैं, साय ने कहा, ‘‘जब हम लोगों की सरकार थी, डॉक्टर रमन सिंह मुख्यमंत्री थे, उस समय वह विपक्ष में नेता थे और बराबर कहते थे कि झीरम घाटी का सबूत हमारी जेब में है। लेकिन उसके बाद उनको जनता ने जनादेश दिया, सरकार में बैठाया और पांच साल उनकी सरकार चली। लेकिन सरकार में रहने के दौरान न वह झीरम झाटी की जांच करा पाएं, न उनकी जेब वाला वह सबूत निकला।”

पच्चीस मई, 2013 को विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी की ‘परिवर्तन रैली’ के दौरान कांग्रेस के काफिले को निशाना बनाया गया था। इस हमले में 32 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नंद कुमार पटेल, पूर्व नेता प्रतिपक्ष महेंद्र कर्मा और पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्या चरण शुक्ल शामिल थे।

साय ने ‘एक्स’ पर लिखा ,‘‘भयमुक्त बस्तर… नक्सलमुक्त छत्तीसगढ़। जहां कभी गोलियों की गूंज थी, वहां आज विकास, विश्वास और सुशासन की नई धारा बह रही है। बस्तर अब भय की छाया से निकलकर आत्मविश्वास और प्रगति की राह पर मजबूती से आगे बढ़ रहा है। यह परिवर्तन हमारी डबल इंजन सरकार के अडिग संकल्प, प्रभावी नीतियों और जनता के अटूट विश्वास का प्रतिफल है – जहां शांति ने भय पर विजय पाई है, सुरक्षा ने भरोसा जगाया है और समृद्धि बस्तर के उज्ज्वल भविष्य को नई ऊंचाइयों की ओर ले जा रही है।”

साय ने कहा, ‘‘बस्तर की धरती आज परिवर्तन के नए अध्याय की साक्षी बन रही है। जहां कभी भय और हिंसा का साया था, वहां आज विश्वास, विकास और नई शुरुआत की रोशनी फैल रही है। हमारी पुनर्वास नीतियों और संवेदनशील प्रयासों से मुख्यधारा में लौटे युवा अब अपने हुनर और कौशल से नए सपनों को आकार दे रहे हैं। यह केवल बदलाव नहीं, यह विश्वास की जीत है… यह शांति, विकास और नए जीवन की सशक्त शुरुआत है।’’

मुख्यमंत्री ने कहा है,‘‘बस्तर, जो कभी लाल आतंक की छाया में था, आज शांति, विश्वास और प्रगति की नई पहचान बन रहा है। आज हर गांव में रोशनी है, हर रास्ता विकास की ओर जाता है और हर चेहरे पर डर नहीं…मुस्कान है। 31 मार्च 2026 का सूर्योदय गवाह है – बस्तर अब भय नहीं, उज्ज्वल भविष्य का पर्याय है। नया बस्तर… नया छत्तीसगढ़…शांति, विकास और विश्वास का नया अध्याय।”

भाषा संजीव राजकुमार

राजकुमार


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