छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने कार-पूलिंग, ऑनलाइन सुनवाई और घर से काम व्यवस्था की शुरुआत की

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने कार-पूलिंग, ऑनलाइन सुनवाई और घर से काम व्यवस्था की शुरुआत की

छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने कार-पूलिंग, ऑनलाइन सुनवाई और घर से काम व्यवस्था  की शुरुआत की
Modified Date: May 20, 2026 / 05:42 pm IST
Published Date: May 20, 2026 5:42 pm IST

बिलासपुर, 20 मई (भाषा) छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने गर्मियों की छुट्टियों के दौरान मामलों की ऑनलाइन सुनवाई, कर्मचारियों के लिए ‘घर से काम’ और ‘कार पूलिंग’ की व्यवस्था समेत कई प्रशासनिक उपाय लागू किए हैं। इन उपायों का उद्देश्य संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करना और न्यायिक कामकाज को सुचारू रूप से चलाना है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी।

रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव द्वारा मंगलवार को जारी एक परिपत्र के अनुसार, यह निर्देश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा ने उच्चतम न्यायालय द्वारा गर्मियों की छुट्टियों (2026) के लिए जारी दिशानिर्देशों को ध्यान में रखते हुए जारी किए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में गर्मियों की छुट्टियां 18 मई से शुरू हो गई हैं और 15 जून तक जारी रहेंगी।

परिपत्र के मुताबिक गर्मियों की छुट्टियों के दौरान उच्च न्यायालय में मामलों की सुनवाई मुख्य रूप से वीडियो कांफ्रेंस के जरिए की जाएगी।

हालांकि, जो वकील किसी जरूरी वजह से ऑनलाइन उपस्थित नहीं हो पाएंगे, उन्हें न्यायालय के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश होने की अनुमति दी जाएगी।

परिपत्र में यह भी कहा गया है कि अगर जरूरी समझा गया, तो न्यायालय किसी भी मामले में व्यक्तिगत सुनवाई का निर्देश भी दे सकता है।

परिपत्र के मुताबिक उच्च न्यायालय और जिला न्यायपालिका में सेक्शन इंचार्ज और कार्यालय प्रमुखों से अनुरोध किया गया कि वे कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन तक ‘घर से काम’ (वर्क फ्रॉम होम) करने की अनुमति दें, बशर्ते यह सुनिश्चित किया जाए कि कम से कम 50 प्रतिशत कर्मचारी कार्यालय में मौजूद रहें। इसमें यह भी जोड़ा गया है कि जिन कर्मचारियों को घर से काम करने की अनुमति दी गई है, उन्हें फोन पर उपलब्ध रहना होगा और जरूरत पड़ने पर कार्यालय में उपस्थित होना पड़ेगा।

ईंधन बचाने के मकसद से उच्च न्यायालय के साथ-साथ जिला न्यायपालिका के न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों को ‘कार-पूलिंग’ व्यवस्था के तहत सरकारी वाहनों को साझा करने की सलाह दी गई है।

परिपत्र में कहा गया है कि रजिस्ट्रार (न्यायिक) और रजिस्ट्रार (कम्प्यूटरीकरण) को निर्देश दिया जाता है कि वे जरूरत पड़ने पर वीडियो-कांन्फ्रेंस व्यवस्थाओं का पालन सुनिश्चित करें।

उच्च न्यायालय ने कहा है कि गर्मियों की छुट्टियों के बाद भी इन उपायों को लागू करने के बारे में मौजूदा परिस्थितियों के आधार पर बाद में समीक्षा की जाएगी।

यह कदम मिव्ययिता के उपायों को बढ़ावा देने की एक व्यापक मुहिम का हिस्सा है। यह मुहिम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के मद्देनजर सरकारी खर्च में संयम बरतने की अपील के बाद शुरू की गई है।

छत्तीसगढ़ सरकार ने भी 16 मई को कुछ मितव्ययिता उपाय लागू किए, जिनमें मुख्यमंत्री, मंत्रियों और सरकारी संस्थाओं के प्रमुखों के काफिले में गाड़ियों की संख्या को सीमित करना, और सरकारी खर्च पर विदेश यात्राओं पर रोक लगाना शामिल है।

भाषा सं संजीव धीरज

धीरज


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