छत्तीसगढ़ : मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित, वर्षाजनित घटनाओं में पांच की मौत
छत्तीसगढ़ : मूसलाधार बारिश से जनजीवन प्रभावित, वर्षाजनित घटनाओं में पांच की मौत
रायपुर, 30 जुलाई (भाषा) छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं, नदियां और नाले उफान पर हैं तथा कई स्थानों पर सड़क संपर्क बाधित होने से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि वर्षाजनित विभिन्न घटनाओं में कम से कम पांच लोगों की मौत हुई है।
उन्होंने बताया कि रायपुर, बस्तर और दुर्ग संभाग वर्षा से सबसे अधिक प्रभावित हैं। इन क्षेत्रों में कई सड़कें जलमग्न हैं और नदियों के किनारे रहने वाले लोगों के लिए परामर्श जारी किया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि गरियाबंद जिले में बुधवार को 55 वर्षीय एक व्यक्ति सहसपुर गांव के पास उफनते सरगी नाले को पार करते समय बह गया। उन्होंने बताया कि उसका शव करीब पांच किलोमीटर दूर खुटेरी गांव के पास बरामद किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण जिले में सड़क संपर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है। रायपुर को पड़ोसी ओडिशा से जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग-130 जलभराव के कारण बंद है। इसके अलावा गरियाबंद-महासमुंद, गरियाबंद-नगरी-धमतरी और कोचबाय-मालगांव-कसानाला मार्ग भी बंद कर दिए गए हैं।
गरियाबंद के जिलाधिकारी भगवान सिंह उइके ने कहा कि लगातार बारिश के कारण जिले की स्थिति गंभीर बनी हुई है। उन्होंने बताया कि सिकासार बांध के 21 में से 16 फाटक खोल दिए गए हैं और 58,000 क्यूसेक पानी की आवक के मुकाबले 44,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है।
उन्होंने बताया कि एहतियात के तौर पर पंतोरा स्थित शासकीय बालिका आवासीय विद्यालय की 50 से अधिक छात्राओं को सुरक्षित बारुका गांव भेजा गया है। साथ ही पैरी नदी के किनारे बसे गांवों में भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
उइके ने बताया कि गरियाबंद जिला अस्पताल परिसर में लगभग तीन फुट पानी भर गया है, जबकि संवेदनशील इलाकों में पुलिस और जिला प्रशासन के कर्मचारियों को तैनात किया गया है।
पड़ोसी धमतरी जिले में जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण जलाशय का जलस्तर बढ़ने पर सोंढूर बांध के फाटक खोल दिए गए हैं।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में 26 जुलाई को लाट नाले के पुल को पार करते समय कार सहित बह गए दंपति के शव बुधवार को बरामद कर लिए गए। उनकी कार चिखली गांव के पास लगभग 150 मीटर नीचे मिली।
एक अन्य घटना में, दोस्तों के साथ घूमने गए दुर्ग-भिलाई के 20 वर्षीय युवक का शव बुधवार को लगभग 24 घंटे चले बचाव अभियान के बाद सक्ती जिले के दमऊधारा जलप्रपात से बरामद किया गया। वह तेज बहाव में बह गया था।
बीजापुर जिले में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नदियां और नाले उफान पर हैं। इससे बीजापुर-भैरमगढ़ और बीजापुर-गंगालूर मार्ग सहित कई सड़कों पर यातायात प्रभावित हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि जिले के सैकड़ों गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क कट गया है।
मंगलवार को बीजापुर के गंगालूर क्षेत्र में भारी बारिश के दौरान पेड़ गिरने से एक किसान की मौत हो गई थी।
जिला प्रशासन ने लोगों को अत्यंत आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलने तथा उफनती नदियों, नालों और जलमग्न पुलों को पार नहीं करने की सलाह दी है।
रायपुर स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के एक अधिकारी ने बताया कि अगले 24 घंटों के दौरान सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, बस्तर, नारायणपुर और कोंडागांव जिलों में बादलों की गरज और बिजली की चमक के साथ बारिश होने तथा 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
उन्होंने बताया कि कांकेर, धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर जिलों के कुछ स्थानों पर भी हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने का अनुमान है।
भाषा मनीषा धीरज
धीरज

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